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मैच से पहले प्रदूषण का स्तर भी जाना जाए

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पत्र लिख कर कहा है कि मैच कराने के लिए निर्णय लेते समय बारिश, कम रोशनी के साथ प्रदूषण के स्तर पर भी विचार किया जाए। आईएमए के अनुसार, हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी असर पड़ता है।

बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना और प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय को आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर केके अग्रवाल ने पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि भारत और श्रीलंका के क्रिकेट मैच से यह संदेश जाता है कि जब पीएम 2.5 का स्तर 300 से अधिक हो तो भी बच्चों के लिए क्रिकेट खेलना सुरक्षित है। गौरतलब है कि मैच के दौरान श्रीलंका के खिलाड़ियों को मैदान पर मास्क पहने हुए देखा गया।

अग्रवाल ने कहा कि खेल के दौरान जब मिली सेकंड और मिलीमीटर से अक्सर सफलता का निर्धारण होता है तो ऐसी स्थिति में वायु प्रदूषण खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर डालने वाला अहम कारक हो सकता है। उन्होंने चिकित्सा साहित्य और पत्रिकाओं का हवाला देते हुए कहा कि देश की राजधानी में हवा की खराब गुणवत्ता से फेफड़े और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। ऐसा माना जाता है कि अगर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 151 और 200 के बीच है तो बाहरी गतिविधियों को कम किया जाना चाहिए।

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