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 संचार साथी ऐप पर सियासत तेज, विपक्ष एकजुट

संचार साथी ऐप पर सियासत तेज, विपक्ष एकजुट

संक्षेप:

केंद्र सरकार द्वारा संचार साथी ऐप के लिए जारी आदेश पर सियासत तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस फैसले की आलोचना की और इसे असंवैधानिक बताया। कांग्रेस ने सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की है, जबकि अन्य नेताओं ने निजता के अधिकारों पर हमले की चेतावनी दी है।

Tue, 2 Dec 2025 05:23 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार द्वारा संचार साथी ऐप को लेकर जारी आदेश पर सियासत शुरू हो गई है। केंद्र सरकार की घेराबंदी के लिए विपक्ष एकजुट हो गया है। कांग्रेस समेत अन्य दलों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि केंद्र सरकार का फैसला असंवैधानिक है। सरकार को अपना फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये फैसला निजता के अधिकार और मौलिक अधिकारों का हनन है। दूरसंचार विभाग का आदेश असंवैधानिक है। सरकार हमारी निगरानी नहीं कर सकती है। मंगलवार को एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि आदेश है कि ऐप अनिवार्य रूप से इंस्टॉल हो जिसे चाहकर भी नहीं हटाया जा सकता।

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उन्होंने कहा कि लोग क्या बात कर रहे और क्या फैसला ले रहे हैं सरकार हर पल हर भारतीय की निगरानी करना चाहती है। कांग्रेस इस फैसले को अस्वीकार करती है और ये किसी हाल में लागू नहीं होना चाहिए। ये लोगों की निजता से जुड़ा गंभीर मसला है। संचार साथी ऐप को लेकर जारी आदेश निजता की सुरक्षा पर हमला है। फैसले को तत्काल वापस लेना चाहिए। ऐसा फैसला अबतक किसी लोकतांत्रिक देश में नहीं हुआ है। अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक, आप केंद्र सरकार लोगों के निजी जीवन की निगरानी की कोशिश कर रही। सरकार अभिव्यक्ति की आजादी और निजता पर हमले कर रही। लोगों का व्यक्तिगत जीवन खतरे में है। अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सपा