
दिनभर की बैठकों के बाद कार्की के नाम पर बनी सहमति
नेपाल में पिछले चार दिनों से जारी सियासी उथल-पुथल के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और जेन-जी समूह के बीच बातचीत के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।...
काठमांडू, एजेंसी। नेपाल में पिछले चार दिनों से जारी सियासी उथल-पुथल के बीच आखिरकार शुक्रवार देर शाम अंतरिम सरकार के गठन का रास्ता साफ हो सका। राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल और आंदोलनकारी जेन-जी समूह के प्रतिनिधियों के बीच दिनभर चली बातचीत के बाद देश की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनी। नेपाल की मीडिया के अनुसार, बैठक में जेन-जी प्रतिनिधियों ने नेताओं की संपत्ति जांचने की मांग उठाई, जिस पर नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन कुमार थापा ने कहा कि हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति और सेना प्रमुख ने शांति बहाल करने और कर्फ्यू के दौरान सुरक्षा उपायों पर भरोसा भी दिलाया।

साथ ही संसद भंग करने पर भी सभी पक्ष राजी हो गए। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की अगुवाई कर रहे जेन-जी समूह ने ही सुशीला कार्की का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया था। आंदोलनकारियों का कहना था कि अंतरिम सरकार का नेतृत्व किसी साफ-सुथरी और ईमानदार छवि वाली हस्ती को करना चाहिए। उनकी इस मांग पर सहमति बनने के बाद कार्की का प्रधानमंत्री बनना तय हो गया। गौरतलब है कि सोमवार को भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ भड़के युवा आंदोलन के बाद नेपाल हिंसा की चपेट में आ गया था। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने संसद परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। कई शहरों में पुलिस से झड़प और गोलीबारी हुई। हालात बिगड़ने पर सेना ने कमान संभाल ली और पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया गया। इसी माहौल के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।

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