आई-पैक फर्म के मुद्दे पर टीएमसी का भाजपा पर हमला
--राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म है आई-पैक --टीएमसी का चुनावी अभियान देख रहा है फर्म

कोलकाता/तारकेश्वर (बंगाल), एजेंसी। राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक का मुद्दा पश्चिम बंगाल की चुनावी रैलियों में गरमा गया है। फर्म द्वारा काम रोकने की खबरों को टीएमसी ने पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। साथ ही कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार टीएमसी के चुनावी अभियान को डरा-धमकाकर कमजोर करने की साजिश रच रही है। एक अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि शनिवार देर रात संगठन द्वारा अपने कर्मचारियों को भेजे गए एक कथित ई-मेल में कानूनी बाध्यताओं का हवाला दिया गया था और कहा गया कि पश्चिम बंगाल में काम 11 मई तक रुका रहेगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई के बारे में बताया जाएगा।
हालांकि, आई-पैक ने इस मामले पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है। टीएमसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आई-पैक की टीम हमारी पार्टी के साथ पूरी तरह से जुड़ी हुई है और पूरे राज्य में चुनावी अभियान योजना के अनुसार जारी है। टीएमसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल गलत जानकारी या धमकियों से प्रभावित नहीं होगा और मतदाता 23 और 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग के दौरान अपना जवाब देंगे।तारकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की कि अगर चल रहे दबाव के कारण आई-पैक के कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया, तो टीएमसी उन्हें अपने साथ ले लेगी। उन्होंने कहा कि हर दिन ईडी के जरिए हम पर छापेमारी की जा रही है। अचानक, चुनाव के दौरान उन्हें यह सब याद आया? भाजपा नेता हमारी पार्टी के लिए काम करने वालों से कह रहे हैं कि वे पश्चिम बंगाल छोड़ दें। उनके पास 50 संगठन हैं। हमारे पास सिर्फ एक है।टीएमसी शिकायत दर्ज कराएगीममता बनर्जी ने भाजपा पर राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल के संबंध में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के जरिए भाजपा अवैध प्रचार कर रही है। टीएमसी इसको लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा कि यह सीधा-सीधा आचार संहिता के उल्लंघन का मामला है। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि महिला आरक्षण बिल सितंबर 2023 में पास हो गया था। ऐसे में केंद्र सरकार ने इसे अभी तक लागू क्यों नहीं किया है? उन्होंने कहा कि एक ही बिल को कितनी बार पास करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने लोकसभा में पेश किए गए महिला आरक्षण कानून के साथ परिसीमन बिल को जोड़ दिया है।भाजपा पर निशाना साधाममता बनर्जी ने दावा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह टीएमसी द्वारा शुरू की गई सभी कल्याणकारी योजनाओं के फायदे छीन लेगी, जैसे कि ‘लक्ष्मी भंडार’, आदिवासियों के लिए ‘जय जोहार’ या अल्पसंख्यकों के लिए ‘ऐक्यश्री’। उन्होंने कहा कि राज्य में एक करोड़ लड़कियों को ‘कन्याश्री’ योजना के तहत फायदे मिलते हैं।
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