प्रवासी श्रमिकों पीएम आवास से वंचित नहीं किया जा सकता : केंद्र
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि पीएमएवाई-जी के तहत प्रवासी श्रमिकों को केवल इसलिए पक्के घर देने से नहीं रोका जा सकता क्योंकि वे काम के लिए बाहर रहते हैं। यह जानकारी केंद्रीय सूचना आयोग के सामने एक आरटीआई अपील की सुनवाई के दौरान दी गई, जिसमें मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई नियम नहीं है जिससे प्रवासी परिवार लाभ से वंचित हो जाएं।

नई दिल्ली, एजेंसी। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत पात्र प्रवासी श्रमिकों को पक्के घर देने से सिर्फ इसलिए मना नहीं किया जा सकता क्योंकि वे काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। मंत्रालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के समक्ष यह स्पष्टीकरण दिया। यह स्पष्टीकरण एक आरटीआई अपील की सुनवाई के दौरान आया, जिसमें आवेदक ने यह जानकारी मांगी थी कि क्या काम के लिए अस्थायी रूप से पलायन करने वाले ग्रामीण परिवारों को पीएमएवाई-जी और अन्य ग्रामीण कल्याण योजनाओं के लाभों से वंचित किया जा सकता है। सीआईसी के हालिया आदेश के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ऐसा कोई खास आदेश जारी नहीं किया है, ना ही ऐसा कोई नियम है, जिसके तहत किसी परिवार को सिर्फ इस आधार पर पीएमएवाई-जी के फायदों से वंचित किया जाए कि वे काम या मजदूरी के लिए कुछ समय के लिए अपने मूल स्थान से बाहर रह रहे हैं।
मंत्रालय ने सीआईसी को यह भी बताया कि पीएमएवाई-जी के तहत पात्रता केंद्र द्वारा जारी रूपरेखा और दिशानिर्देशों के अनुसार तय की जाती है, जबकि इस योजना को राज्य सरकारें लागू करती हैं।
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