Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsPM Modi Monitoring 1 12 Lakh Crore Projects in Jammu Kashmir
प्रधानमंत्री मोदी की निगरानी में बड़ी परियोजनाओं पर काम: डूल्लूल्लू

प्रधानमंत्री मोदी की निगरानी में बड़ी परियोजनाओं पर काम: डूल्लूल्लू

संक्षेप:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर में 1.12 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की निगरानी कर रहे हैं। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बताया कि 61 परियोजनाओं की निगरानी पीएमजी पोर्टल पर की जा रही है। इनमें से 15 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 46 अन्य विभिन्न चरणों में हैं।

Jan 05, 2026 04:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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जम्मू, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू- कश्मीर से जुड़ी 1.12 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की निगरानी कर रहे। जम्मू- कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) पोर्टल पर वर्तमान में 4.12 लाख करोड़ रुपये की 61 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में विश्व स्तरीय अवसंरचना का विकास किया जा रहा। 'प्रगति' तंत्र के तहत केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश के समन्वय से बड़ी परियोजनाओं का तेजी से पूरा किया जा रहा। उन्होंने बताया कि इनमें से 69 हजार करोड़ रुपये की 15 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

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वहीं 3.43 लाख करोड़ रुपये की 46 परियोजनाएं अलग-अलग चरण में हैं। प्रधानमंत्री मोदी उच्च् प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की खुद निगरानी कर रहे। इन परियोजनाओं से संबंधित 59 मुद्दों पर अब तक चर्चा हो चुकी है, जिनमें से 57 यानी लगभग 96 प्रतिशत का समाधान हो चुका है। डुल्लू ने बताया कि ये मुद्दे मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण संबंधी मंजूरी, वित्तीय स्वीकृति एवं निर्माण में आ रही बाधाओं से संबंधित इस परियोजनाओं के दायरे में संपर्क, ऊर्जा और सामाजिक अवसंरचना सहित प्रमुख क्षेत्र आते हैं। छह योजनाओं का काम पूरा जम्मू- कश्मीर के मुख्य सचिव डुल्लू ने बताया कि 53,000 करोड़ रुपये की छह उच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या शुरू हो चुकी हैं। इनमें जम्मू- उधमपुर- श्रीनगर- बारामूला रेल लिंक, एनएच-44 श्रीनगर-बनिहाल परियोजना, किशनगंगा जलविद्युत परियोजना, एम्स जम्मू के लिए उपयोगिता स्थानांतरण संबंधी मुद्दे और श्रीनगर को लद्दाख से जोड़ने वाली अलुस्टेंग पारेषण प्रणाली शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एम्स श्रीनगर परियोजना का काम इस साल के अंत तक पूरा हो सकता है।