PM Modi Inaugurates World s First Bamboo Ethanol Plant in Assam प्रधानमंत्री मोदी ने असम में दुनिया के पहले बांस-आधारित इथेनॉल प्लांट का उद्घाटन किया, Delhi Hindi News - Hindustan
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प्रधानमंत्री मोदी ने असम में दुनिया के पहले बांस-आधारित इथेनॉल प्लांट का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के नुमालीगढ़ में दुनिया के पहले बांस से इथेनॉल बनाने के संयंत्र का उद्घाटन किया। यह 5,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है और शून्य अपशिष्ट तकनीक पर आधारित है। इससे...

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्लीSun, 14 Sep 2025 07:46 PM
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प्रधानमंत्री मोदी ने असम में दुनिया के पहले बांस-आधारित इथेनॉल प्लांट का उद्घाटन किया

नुमालीगढ़(असम), एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में रविवार को दुनिया के पहले बांस से इथेनॉल बनाने के संयंत्र का उद्घाटन किया। इसे 5,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस अत्याधुनिक प्लांट को शून्य अपशिष्ट (जीरो वेस्ट) तकनीक पर तैयार किया गया है। यहां बांस के पौधे के सभी हिस्सों का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां बांस से इथेनॉल के साथ-साथ ग्रीन फर्फ्यूरल, ग्रीन एसेटिक एसिड, खाद्य-ग्रेड सीओ2 और बायो-कोल जैसे उच्च मूल्य वाले औद्योगिक रसायन भी तैयार किए जाएंगे। साथ ही, प्लांट से 25 मेगावॉट ग्रीन बिजली का उत्पादन होगा।

इससे असम की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हर साल 200 करोड़ रुपये का बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, यह संयंत्र पूर्वोत्तर के चार राज्यों से पांच लाख टन हरा बांस प्राप्त करेगा, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार से अधिक लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर यह भी बताया कि भारत ने 2014 में जहां सिर्फ 1.53 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडिंग की थी, वहीं 2022 में यह आंकड़ा 10 फीसदी तक पहुंच गया। 2025 के लक्ष्य को समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है। प्लास्टिक के समान को आधुनिक तरीके से तैयार किया जाएगा इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने 7,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पॉलीप्रोपाइलीन प्लांट की आधारशिला भी रखी। यहां प्लास्टिक के समान को आधुनिक तरीके से तैयार किया जाएगा। इसके शुरू होने से देश की पॉलीप्रोपाइलीन आयात पर निर्भरता 20 फीसदी तक कम होगी। हर साल लगभग 85 मिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा की बचत होगी। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ये परियोजनाएं मिलकर असम और पूरे उत्तर-पूर्व को हरित ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स के वैश्विक मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाएंगी। नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड की स्थापना 22 अप्रैल 1993 को हुई थी। वर्तमान में इसमें ऑयल इंडिया लिमिटेड का 69.63 फीसदी, असम सरकार का 26 फीसदी और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड का 4.37 फीसदी हिस्सा है। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने दरांग जिले के मंगलदोई में 6,300 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी। मोदी ने असम में रविवार को कुल 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया।

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