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 पीएम मोदी के जिक्र करते ही बागुरुम्बा दहोउ नृत्य को 20 करोड़ से ज्यादा व्यूज

पीएम मोदी के जिक्र करते ही बागुरुम्बा दहोउ नृत्य को 20 करोड़ से ज्यादा व्यूज

संक्षेप:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के बागुरुम्बा दहोउ नृत्य का जिक्र किया, जिससे इसकी वैश्विक खोज दर पिछले दो दशकों में उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इस नृत्य को 20 करोड़ से अधिक बार देखा गया है। बागुरुम्बा बोडो संस्कृति का प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसमें 10,000 कलाकार शामिल हुए।

Jan 20, 2026 08:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के बागुरुम्बा दहोउ नृत्य का जिक्र किया और अब यह वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक सर्च लिस्ट में पहुंच गया है। पिछले दो दशकों में गूगल पर बागुरुंबा नृत्य की वैश्विक खोज दर अब तक के उच्चतम स्तर पर है। अकेले प्रधानमंत्री मोदी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ही इस नृत्य को 20 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। हर कोई इस पारंपरिक नृत्य के बारे में जानना चाहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 तारीख को असम के गुवाहाटी स्थित सरुसजाई स्टेडियम में ‘बागुरुम्बा दहोउ 2026’ कार्यक्रम में बोडो संस्कृति की जमकर तारीफ की थी।

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उन्होंने इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया था। बागुरुम्बा दहोउ क्या है बागुरुम्बा बोडो का सबसे मशहूर लोक नृत्य है। ये पूरी तरह प्रकृति से जुड़ा हुआ है। इसमें तितलियों की उड़ान, पक्षियों की छलांग और लहरों जैसी मूवमेंट्स दिखती हैं। इस बार के बागुरुम्बा दोहो में लगभग दस हजार कलाकार शामिल हुए। 8,000 से ज्यादा नृत्य कलाकारों ने एक साथ मिलकर कमाल का लयबद्ध नृत्य किया था। जिसमें सिफुंग और खाम जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन गूंज रही थी। पूरा स्टेडियम रंगों और लहरों से भर गया। बागुरुम्बा दहोउ बोडो परंपरा को सम्मान देने का माध्यम पीएम ने कहा था कि बागुरुम्बा दहोउ’ केवल एक उत्सव नहीं है। ये एक माध्यम है- हमारी महान बोडो परंपरा को सम्मान देने का, ये एक माध्यम है – बोडो समाज की महान विभूतियों को याद करने का, बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा, गुरुदेव कालीचरण ब्रह्मा, रूपनाथ ब्रह्मा, सतीश चंद्र बसुमतारी, मोरादम ब्रह्मा, कनकेश्वर नरजरी, ऐसे अनेक महान व्यक्तित्व रहे हैं, जिन्होंने सामाजिक सुधार, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राजनीतिक चेतना को मजबूती दी है। प्रधानमंत्री भारतीय लोक कला और संस्कृति के साथ दर्शनीय पर्यटक स्थलों का जिक्र भी अपने संबोधनों में करते रहते हैं। जनवरी 2024 में पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वहां की तस्वीरें वायरल हो गईं थी। पीएम के लक्षद्वीप दौरे की फोटो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी थी। इसी तरह पीएम मोदी जब भी मन की बात करते हैं तो देश के अलग अलग हिस्सों में गुमनाम कला संस्कृति और हुनर की चर्चा करते हैं। इसका काफी फायदा स्थानीय पर्यटन कला और संस्कृति को मिलता है। ..............