
पुलिस के बारे में लोगों की सोच बदलने की जरूरत : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस की नकारात्मक छवि को बदलने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में संवेदनशीलता और जवाबदेही बढ़ाकर और आधुनिक तकनीक व प्रशिक्षण से पुलिस को सक्षम बनाना आवश्यक है। उन्होंने नशे के खिलाफ पुनर्वास और प्राकृतिक आपदाओं में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया पर भी ध्यान दिया।
रायपुर, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आम लोगों, विशेषकर युवाओं के बीच पुलिस को लेकर बनी नकारात्मक धारणा को बदलना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में संवेदनशीलता और जवाबदेही बढ़ाकर ही यह बदलाव संभव होगा। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, पुलिस और जनता के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए व्यवहार में बदलाव लाना होगा एवं आधुनिक तकनीक व प्रशिक्षण के जरिए पुलिस को और सक्षम बनाना होगा। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रति जनता को जागरूक करना भी पुलिस की छवि सुधारने का अवसर है।
मोदी ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में पुनर्वास और सामुदायिक जागरूकता भी जरूरी है, ताकि समाज में पुलिस की भूमिका ‘दंड देने वाली’ के बजाय ‘सुरक्षा देने वाली’ के रूप में दिखे। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में पुलिसिंग का तरीका भी बदलते भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और चक्रवात के दौरान पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय को और मजबूत करने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में मोदी ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए और शहरी पुलिसिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को पुरस्कार दिए। शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल, गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव सहित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी-आईजीपी मौजूद रहे। देशभर से 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअली भी जुड़े। पुलिस में सुधार के लिए सुझाव ▪-शहरी पुलिसिंग और टूरिस्ट पुलिस को मजबूत किया जाए ▪-युवाओं के बीच पुलिस की सकारात्मक मौजूदगी बढ़े ▪-पुलिस जांच में फॉरेंसिक तकनीक का अधिक उपयोग हो ▪-विश्वविद्यालय भी इससे जुड़े केस स्टडी तैयार करें ये अहम बातें भी कहीं -प्रतिबंधित संगठनों पर नियमित निगरानी होनी चाहिए -नक्सल मुक्त क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करें -समुद्री सुरक्षा के लिए नए मॉडल अपनाए जाएं -निर्जन द्वीपों को सुरक्षा तंत्र में शामिल करें राज्य पुलिस -नैटग्रिड को एआई से जोड़कर खुफिया सूचनाएं प्राप्त करें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। जैसे आतंकवाद रोधी रणनीतियां, महिलाओं की सुरक्षा के लिए तकनीक, भगोड़ों को वापस लाने की प्रक्रिया और विजन 2047 के अनुरूप पुलिसिंग की दिशा।

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