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24 नवंबर, 2020|8:29|IST

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प्लास्टिक कचरे के ढेर को हरियाली में बदल दिया

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नई दिल्ली। अमित कसाना

दिल्ली के धर्मशिला कैंसर फाउंडेशन एंड रिसर्च सेंटर से सटी हिंडल कैनाल की तलहटी में लोगों ने डंपिंग ग्राउंड बना दिया था। यहां कूड़े के अलावा मलबे का ढेर लगा रहता था। खासकर प्लास्टिक कचरा एकत्रित रहता था। लेकिन बीते एक माह में यहां से कचरा और मलबा हटाकर सुंदर वन विकसित किया गया। फिलहाल इसका 50 फीसदी काम पूरा हो गया है। नवंबर के अंत तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा।

धर्मशिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक प्लास्टिक कूड़ा कैंसरकारक होता है। कूड़े से धूल के कण और पीएम 2.5 गैस से परेशानी होती थी। इसके अलावा कूड़े से मिथेन गैस और रेडियोएक्टिव गैस तो निकलती ही है, बदबू भी आती थी। अंधेरा होते ही नशेड़ी यहां कूड़ा जलाते थे। इन सब परेशानियों के मद्देनजर धर्मशिला कैंसर फाउंडेशन ने पर्यावरण पर काम करने वाली अर्थ एनजीओ से संपर्क किया।

30 फीट प्लास्टिक कूड़ा

जंगल पर काम कर रहे एनजीओ के प्रोजेक्ट हेड मोहित रेलान के मुताबिक यहां करीब 30 फीट प्लास्टिक कूड़े का ढेर लगा था। पहले मलबे का ढेर हटाया गया, फिर करीब 15 फीट गड्ढे किए जिससे पेड़ व घास हो सके। इसके बाद इन गड्ढों में साफ मिट्टी भरी गई।

धूल के लिए छिड़काव

फिलहाल यहां नीम, पीपल, अमलतास, गुलमोहर समेत करीब 150 पेड़ लगाए गए हैं। कुल 300 पेड़ लगाए जाएंगे। इसके अलावा पूरे क्षेत्र की लोहे के तार की फेंसिंग कर एक गार्ड और एक माली स्थायी रूप से नियुक्त किया गया है। अस्पताल के एसटीपी प्लांट से पानी की स्थायी लाइन डाली गई है, जिससे अब दिन में पानी का छिड़काव करते हैं और धूल भी नहीं उड़ती। छठ के बाद पूरा काम खत्म कर लिया जाएगा।

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आसपास वायु प्रदूषण कम होगा

जहां बड़ी मात्रा में कूड़ा होता है, वहां हवा के साथ मिथेन, रेडियोएक्टिव गैस और पीएम 2.5 जैसी हानिकारक गैस आसपास के पूरे क्षेत्र को दूषित कर देती हैं। धूल उड़ने से आसपास से गुजर रहे लोगों को परेशानी होती है वह अलग। इस पहल से बड़ी संख्या में अस्पताल में आने-जाने वालों और आसपास न्यू अशोक नगर व वसुंधरा एंक्लेव के लोगों को फायदा होगा।

रामवीर तंवर, पर्यावरणविद

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  • Web Title:Plastic waste dump turned into greenery