एनपीएस में भी सुनिश्चित पेंशन देने की तैयारी
शोल्डर ::: निजी क्षेत्र के लिए आ सकती है यूपीएस जैसी योजना, इस पर हो

नई दिल्ली, एजेंसी। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसके तहत निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भविष्य में न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन योजना शुरू की जा सकती है। प्राधिकरण इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। पीएफआरडीए के अध्यक्ष एस. रमन ने संकेत दिए हैं कि निजी क्षेत्र के लिए ‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम’ (यूपीएस) जैसी योजना लाने का विकल्प खुला हुआ है। इसकी संभावना तलाशी जा रही है। हालांकि, ऐसी योजना लागू करने के लिए जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी योजना में निश्चित पेंशन या सुनिश्चित रिटर्न देना है, तो उसकी गारंटी किसी संस्था को लेनी होगी। उदाहरण के तौर पर अटल पेंशन योजना में सरकार तय पेंशन की गारंटी देती है और जरूरत पड़ने पर उसका खर्च भी वहन करती है। ऐसे में अगर भविष्य में एनपीएस में भी कोई सुनिश्चित पेंशन की योजना लागू की जाती है तो उसके लिए या तो सरकार को आर्थिक सहयोग देना होगा, कर्मचारियों का योगदान बढ़ाना होगा या फिर रिटर्न की उम्मीदों को थोड़ा कम करना पड़ेगा。
पिछले साल जारी हुआ था प्रस्ताव
दरअसल, पारंपरिक पेंशन योजनाओं के मुकाबले एनपीएस पूरी तरह बाजार से जुड़ा हुआ है यानी इसमें मिलने वाले रिटर्न की कोई तय गारंटी नहीं होती। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोग लंबे समय से ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जिसमें सेवानिवृत्ति के बाद तय पेंशन मिल सके। गौरतलब है कि पिछले वर्ष पीएफआरडीए ने सुनिश्चित और लचीली पेंशन योजनाओं को लेकर एक परामर्श पत्र जारी किया था। इसमें एनपीएस ढांचे के भीतर तीन अलग-अलग प्रकार की पेंशन योजनाओं का प्रस्ताव दिया गया था, ताकि निवेशकों की जरूरत के अनुसार निश्चित और लचीली पेंशन सुविधा दी जा सके।
तेजी से बढ़ रहा एनपीएस का दायरा
पीएफआरडीए के अनुसार, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष में एनपीएस ग्राहकों की संख्या 22 फीसदी से अधिक बढ़ने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक एनपीएस से जुड़े कुल ग्राहकों की संख्या 2.17 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जबकि कुल पेंशन कोष बढ़कर 15.95 लाख करोड़ रुपये हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की मजबूत व्यवस्था नहीं होती। ऐसे में गारंटीड पेंशन योजना आने से करोड़ों लोगों को सामाजिक सुरक्षा मिल सकती है।
नए निवेश विकल्पों की तलाश
पीएफआरडीए केवल सुनिश्चित पेंशन योजना पर ही नहीं, बल्कि एनपीएस निवेशकों को बेहतर और स्थिर रिटर्न देने के लिए नए निवेश विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई है, जो इस बात का अध्ययन कर रही है कि पेंशन की रकम को किन नए सुरक्षित जगहों में निवेश किया जा सकता है। इसके आधार पर ऐसा निवेश ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे एनपीएस निवेशकों को लगातार बढ़ता और संतुलित रिटर्न मिल सके। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब एनपीएस से जुड़ने वाले लोगों की संख्या और इसका कुल कोष बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में प्राधिकरण पर मुनाफा कमाने के साथ-साथ लोगों की कमाई को सुरक्षित रखने का दबाव भी बढ़ गया है।
अभी निवेश विकल्प
वर्तमान में अभी एनपीएस का पैसा ज्यादातर शेयर बाजार (इक्विटी), कॉर्पोरेट बॉन्ड, सरकारी बॉंड (जी-सेक) और कुछ वैकल्पिक निवेश फंडों में लगाया जाता है। वहीं, दुनिया के बड़े पेंशन फंड्स अब इन्फ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट से जुड़े निवेश और प्राइवेट डेट जैसे विकल्पों में भी पैसा लगा रहे हैं। इन जगहों पर लंबे समय तक अपेक्षाकृत स्थिर और तय कमाई मिलने की संभावना रहती है।
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