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मधुमक्खियों को मिले कानूनी अधिकार

मधुमक्खियों को मिले कानूनी अधिकार

संक्षेप:

पेरू ने अमेजन वर्षावनों में पाई जाने वाली बिना डंक वाली मधुमक्खियों को कानूनी अधिकार दिए हैं। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला कदम है, जिसके तहत इन मधुमक्खियों को अस्तित्व, स्वस्थ आवास और कानूनी प्रतिनिधित्व का अधिकार मिला है। यह पहल मधुमक्खियों के संरक्षण और स्वदेशी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान को सुरक्षित रखने के लिए है।

Jan 02, 2026 12:44 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लीमा, एजेंसी। प्रकृति के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पेरू के अमेजन वर्षावनों में पाई जाने वाली बिना डंक वाली मधुमक्खियों को कानूनी अधिकार दिए गए हैं। यह दुनिया के पहले ऐसे कीट बन गए हैं, जिन्हें इंसान के समान कानूनी सुरक्षा प्राप्त हुई है। अधिकारों की घोषणा का महत्व पेरू की ‘सतिपो’ नगरपालिका ने एक खास अध्यादेश पारित किया है, जिसे ‘बिना डंक वाली मूल मधुमक्खियों के अधिकारों की घोषणा’ कहा जा रहा है। अब इन मधुमक्खियों के पास कुछ जन्मजात अधिकार हैं, जैसे- अस्तित्व में रहने और फलने-फूलने का अधिकार। प्रदूषण मुक्त वातावरण और स्वस्थ आवास का अधिकार।

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जलवायु संकट या नुकसान की स्थिति में अदालत में कानूनी प्रतिनिधित्व पाने का अधिकार। इस पहल का उद्देश्य न केवल मधुमक्खियों को बचाना है, बल्कि वहां के स्वदेशी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान को भी सुरक्षित रखना है, जो सदियों से इन मधुमक्खियों के साथ रह रहे हैं। बॉक्स - 1 मधुमक्खियों के गुण ये मधुमक्खियां ग्रह की सबसे पुरानी प्रजातियों में से एक हैं। ये अमेजन के 80 फीसदी से अधिक पेड़ों और पौधों के परागण के लिए जिम्मेदार हैं। हमारी पसंदीदा चीजें जैसे कॉफी, चॉकलेट, एवोकाडो और ब्लूबेरी इन्हीं की मेहनत की वजह से सुरक्षित हैं। बॉक्स - 2 संकट और समाधान पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और कीटनाशकों के कारण इनकी संख्या तेजी से घटी है। अमेजन रिसर्च इंटरनेशनल और अर्थ लॉ सेंटर ने मिलकर इन कीटों के लिए यह कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित की है। बॉक्स - 3 प्रकृति और इंसान के बीच सम्मान का रिश्ता यह कदम दुनिया को यह सोचने पर मजबूर करेगा कि प्रकृति और इंसान का रिश्ता केवल उपभोग का नहीं, बल्कि आपसी सम्मान का भी होना चाहिए।