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पीडी:::एचआईवी संक्रमित से स्वस्थ बच्चे ले रहे जन्म

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 11:40 PM
पीडी:::एचआईवी संक्रमित से स्वस्थ बच्चे ले रहे जन्म

विश्व एडस दिवस आज

-केजीएमयू में एचआईवी संक्रमित 62 महिलाओं ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया

-आपसी रजामंदी से अब तक 56 से ज्यादा परिवार बस चुके हैं।

लखनऊ। संवाददाता

एचआईवी संक्रमण सुनते ही इंसान में निराशा छा जाती है। वह खुद को असहाय और जिंदगी से हार मान लेता है लेकिन अब लोगों को यह सोच बदलनी होगी। केजीएमयू में उपचार करा रही 62 संक्रमित महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया है। एंटी रिट्रोवायरल थेरेपी की मदद से इन महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया है। यह सभी बच्चे स्वस्थ हैं। इनकी एचआईवी रिपोर्ट निगेटिव आई है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर संक्रमण की पहचान और उपचार से यह संक्रमित गर्भवती महिलाएं स्वस्थ शिशु को जन्म दे रही हैं।

10 हजार मरीज पंजीकृत

केजीएमयू के एआरटी सेंटर के डॉ. सौरभ पॉलीवाल बताते हैं कि प्रदेश भर के एचआईवी संक्रमित मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। यहां करीब 10 हजार मरीज पंजीकृत हैं। यहां बच्चे, बुजर्ग, युवा हर उम्र के मरीजों का इलाज हो रहा है। इसमें से करीब पांच हजार लोग नियमित उपचार करा रहे हैं। इनमें 200 से ज्यादा संक्रमित बच्चे भी शामिल है।

56 संक्रमित जोड़े एक दूजे के हुए

नियमित इलाज और बुलंद हौसले से 56 संक्रमित जोड़े जीवन में रंग भरने के साथ ही सूनी गोद भरकर उम्मीदों का दीया जला रहे हैं। एआरटी सेंटर द्वारा अब तक यहां 56 संक्रमित जोड़ों की शादी करायी जा चुकी है। सेंटर में वर्ष 2009 से युवक-युवतियां के विवाह का अलग रजिस्टर बनाया। करीब 175 जोड़े पंजीकृत हैं। इनके परिवारीजन रिश्ते की वार्ता कर रहे हैं।

लोगों में जगरुकता बढ़ी

डॉ. सौरभ बताते हैं कि लोगों में जागरुकता बढ़ने से शुरुआत में संक्रमण का पता चलने से मरीजों को जल्द उपचार मिलने लगा है। कुछ नई दवाएं ज्यादा कारगर हैं। संक्रमण पर काबू पा रही हैं। जिसकी वजह से संक्रमित महिलाएं स्वस्थ बच्चों को जन्म दे रही हैं।

प्रदेश में 50 सेंटर

प्रदेश भर में 50 एआरटी सेंटर खुल गये हैं। राजधानी में दो सेंटर चल रहे है। सेंटर बढ़ने से केजीएमयू में पहले की तुलना में मरीज घट गए हैं। 95 फीसदी से अधिक मामले शारीरिक संबंध वाले आ रहे है। बाकि अन्य मामलों में संक्रमित सीरिंज लगाना, नशा करना, खून से संक्रमित होने आदि दूसरी वजहें हैं।

संक्रमित बन्दियों की जांच व दवायें मिलेंगी

लखनऊ। संवाददाता

राजधानी की जेल में बन्द एचआईवी संक्रमित बंदियों की जांच और इलाज आसान होगा। जेल में दवाएं मुहैया कराई जाएंगी। केजीएमयू में संचालित एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर जिला जेल में लिंक एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी सेंटर खोलेगा। यह जानकारी विश्व एचआईवी दिवस की पूर्व संध्या पर केजीएमयू के एआरटी सेंटर के इंचार्ज डॉ. डी हिमांशु ने दी।

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