क्रिप्टोकरंसी में निवेश पर संसदीय समिति चिंतित
नई दिल्ली, एक संसदीय समिति ने क्रिप्टोकरंसी में हो रहे निवेश पर चिंता जताई है। समिति ने मौजूदा कर व्यवस्था को जारी रखने का समर्थन किया। भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब ने कहा कि विश्व के विभिन्न देशों ने क्रिप्टोकरंसी को लेकर अलग-अलग नीतियां अपनाई हैं। भारत में इस पर कोई स्पष्ट कानून नहीं है।

नई दिल्ली, एजेंसी। वित्त से जुड़ी एक संसदीय समिति ने क्रिप्टोकरंसी जैसी वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों (वीडीए) में हो रहे हजारों करोड़ रुपये के निवेश पर चिंता जताई है। समिति ने इन लेन-देन पर मौजूदा कर व्यवस्था जारी रखने का समर्थन भी किया।
संसदीय समिति की बैठक
भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों पर विस्तृत चर्चा हुई। महताब ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों ने क्रिप्टोकरंसी को लेकर अलग-अलग नीति अपनाई है। अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने इसे विनियमित किया है, जबकि चीन जैसे देशों ने इस पर प्रतिबंध लगाया है। भारत में अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट कानून नहीं है। उन्होंने कहा कि जापान और ब्राजील जैसे कुछ देश बिना अलग नियामक कानून के भी अपने मौजूदा कानूनों के जरिये इसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं और भारत इन सभी मॉडलों का अध्ययन कर रहा है।
निवेश का प्रभाव
महताब ने कहा कि बड़ी मात्रा में धन क्रिप्टो परिसंपत्तियों में निवेश होकर देश से बाहर जा रहा है, जो चिंताजनक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस निवेश से होने वाली आय पर भारत में कर लगना जरूरी है। बैठक में राजस्व सचिव, आयकर विभाग और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
क्रिप्टोकरंसी की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब क्रिप्टोकरंसी पर स्पष्ट नीति नहीं है तो सरकार 30 प्रतिशत टैक्स कैसे वसूल रही है। फिलहाल भारत में क्रिप्टोकरंसी कानूनी रूप से अस्पष्ट स्थिति में है, लेकिन इस पर आयकर और जीएसटी लागू है।
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