ईरान पैकेज::अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता से पहले इस्लामाबाद किले में तब्दील

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता से पहले सुरक्षा के लिहाज से सेना तैनात की गई है। सड़कों पर सख्त लॉकडाउन लागू किया गया है और रेड जोन को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। 10,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिससे स्थानीय निवासियों की आवाजाही सीमित हो गई है।

ईरान पैकेज::अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता से पहले इस्लामाबाद किले में तब्दील

पाकिस्तान की राजधानी में सेना तैनात, सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई सड़कों पर सख्त लॉकडाउन, सड़कें पूरी तरह सुनसानशनिवार को होनी है पहले दौर की बातचीततैयारी:-वार्ता के दौरान इस्लामाबाद का रेड जोन पूरी तरह सील रहेगा।-रेड जोन में प्रवेश केवल अधिकृत व्यक्तियों तक सीमित होगा।-आंतरिक मंत्रालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया हैइस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को पहले दौर की बातचीत होनी है। इस उच्च-स्तरीय वार्ता से पहले राजधानी इस्लामाबाद को किले में तब्दील कर दिया गया है।इस बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख सेना कर रही है, जिसमें रेंजर्स जैसी अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ इस्लामाबाद पुलिस और पंजाब पुलिस भी सहायता कर रही हैं।यातायात

के लिए सड़कों पर इस्लामाबाद ट्रैफिक पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मोटरवे पुलिस को तैनात किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है। इस्लामाबाद की सड़कों पर सख्त लॉकडाउन लागू है।पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से वार्ता के इंतजामों पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन तैयारी पूरी है। एक अधिकारी ने कहा, हमारी प्राथमिकता है कि बातचीत सुचारू रूप से चले। हमारी भूमिका केवल एक सूत्रधार और मध्यस्थ की है।तैयारियों के लिए बैठकराजधानी में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता करते हुए गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अधिकारियों को सभी विदेशी मेहमानों के लिए अचूक सुरक्षा और आतिथ्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि वार्ता के दौरान रेड जोन को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा युद्धविराम की सुविधा प्रदान करने के बाद दोनों पक्षों को मेज पर आमंत्रित करने के फलस्वरूप, शनिवार को इस्लामाबाद में यह महत्वपूर्ण वार्ता होने वाली है।10 हजार सुरक्षाकर्मी, रेड अलर्टडॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की राजधानी रेड-अलर्ट पर है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 10000 पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।रावलपिंडी में भी सुरक्षा कड़ी, लोग घरों में बंदरावलपिंडी में भी सुरक्षा कड़ी रखी गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कंटेनर और कंटीले तार लगाकर ओल्ड एयरपोर्ट रोड और नूर खान एयरबेस की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया।सुरक्षा के कारण इस इलाके में रहनेवाले स्थानीय निवासियों के लिए जेल जैसा बन गया है। उनकी आवाजाही उनके घरों तक ही सीमित कर दी गई है।कोरल चौक से एयरपोर्ट चौक तक जाने वाली सर्विस रोड, साथ ही उससे जुड़ी सड़कें और गलियां भी बंद कर दी गई थीं, जिससे निवासियों को अपने घरों में ही कैद रहने पर मजबूर होना पड़ा।पूरे रावलपिंडी जिले में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। इलेक्ट्रिक ग्रीन बसों से सफर करने वाले यात्रियों को ओल्ड एयरपोर्ट और कोरल चौक के बजाय टीपू रोड पर ही उतार दिया गया। नतीजतन, महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों यात्रियों को लंबी दूरी पैदल ही तय करनी पड़ी।ये प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगेअमेरिका: अमेरिकी दल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे, जिनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी होंगे। ये लोग इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं।ईरान: ईरानी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ शामिल होंगे। रिवोल्यूशनरी गार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के भी शामिल होने की संभावना है।कतर और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों के प्रतिनिधिमंडल भी इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं।सेरेना होटल में होगी वार्तासुरक्षा जोखिमों को देखते हुए तीन से चार संभावित स्थानों का चयन किया गया है। सबसे प्रमुख स्थान 'सेरेना होटल' माना जा रहा है, जिसे मेहमानों से खाली कराकर सेना के नियंत्रण में ले लिया गया है। अन्य विकल्पों में प्रधानमंत्री सचिवालय या कोई सुरक्षित सैन्य स्थल शामिल है।होटल के मेहमानों को सूचित किया गया है कि होटल रविवार रात तक बुक रहेगा, जिससे संकेत मिलता है कि बातचीत कुछ दिनों तक चल सकती है। गुरुवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर के बीच हुई बैठक में अब तक की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया गया है।प्रमुख एजेंडाशांति बातचीत के लिए अमेरिका की ओर से 15-सूत्रीय प्रस्ताव मुख्य है। उसने ईरान के संवर्धित यूरेनियम, बैलिस्टिक मिसाइलों, पाबंदियों में राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग रखी है।तेहरान ने इसके जवाब में एक 10-सूत्रीय योजना पेश की है। इस योजना में जलडमरूमध्य पर अपना कंट्रोल रखने, वहां से गुजरने वाले पोतों से टोल वसूलने, क्षेत्र में चल रहे सभी सैन्य अभियानों को रोकने और सभी पाबंदियों को हटाने की मांग की है।लेबनान बड़ा अवरोधयुद्धविराम का उद्देश्य बातचीत के लिए समय देना था, लेकिन लेबनान का मुद्दा एक बड़ा विवाद बना हुआ है। ईरान का तर्क है कि लेबनान भी इस समझौते का हिस्सा है, जिसे वाशिंगटन खारिज करता है।युद्धविराम लागू होने के 48 घंटे के भीतर, इजरायल ने लेबनान पर अब तक के सबसे भारी हमले किए, जिसमें 300 से अधिक लोग मारे गए। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता। यूरोपीय देशों और खाड़ी देशों का इजरायल पर दबाव है कि वह बेरूत पर और हमले न करे। शुक्रवार सुबह तक इजरायली सेना ने कोई नया हमला नहीं किया था। वाशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि लेबनान मोर्चे पर अलग से बातचीत की जाएगी। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह इजरायल और लेबनान के बीच वार्ता के लिए एक बैठक आयोजित की जाएगी।

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