DA Image
Monday, November 29, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ NCR नई दिल्लीपैकेज : अंबानी आवास मामला ::: आखिरकार मुंबई पहुंचे परमबीर, अपराध शाखा के समक्ष हुए पेश

पैकेज : अंबानी आवास मामला ::: आखिरकार मुंबई पहुंचे परमबीर, अपराध शाखा के समक्ष हुए पेश

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Thu, 25 Nov 2021 04:40 PM
पैकेज : अंबानी आवास मामला ::: आखिरकार मुंबई पहुंचे परमबीर, अपराध शाखा के समक्ष हुए पेश

अंबानी आवास मामला ::: आखिरकार मुंबई पहुंचे परमबीर, अपराध शाखा के समक्ष हुए पेश

अंबानी आवास मामला

- कहा, मैं अदालत के निर्देश के अनुरूप जांच का हिस्सा बनूंगा

- सुप्रीम कोर्ट ने सिंह को गिरफ्तारी से फिलहाल राहत दी है

मुंबई, एजेंसी

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह लगभग छह माह बाद गुरुवार को महानगर पहुंचे। वह अपराध शाखा के समक्ष पेश हुए। मुंबई की एक अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया है। उन्हें जांच में शामिल होने का निर्देश भी दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने सिंह को गिरफ्तारी से फिलहाल संरक्षण प्रदान किया है।

एक अधिकारी ने बताया कि सिंह चंडीगढ़ से यहां पहुंचे हैं। वह आदेश के अनुरूप जांच का हिस्सा बनने के लिए यहां आए हैं और जांच में सहयोग करेंगे। सिंह ने मुंबई पहुंचते ही पत्रकारों से कहा था, मैं अदालत के निर्देश के अनुरूप जांच का हिस्सा बनूंगा। अधिकारी ने बताया कि हवाई अड्डे से निकलने के बाद सिंह मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की इकाई-11 के समक्ष पेश हुए। गोरेगांव थाने में दर्ज रंगदारी के मामले में उनका यहां बयान दर्ज किया जाएगा।

मालूम हो कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर एक गाड़ी से विस्फोटक मिलने के मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाझे की गिरफ्तारी के बाद सिंह को मार्च 2021 में मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया था। इसके बाद सिंह को होम गार्ड्स का महानिदेशक बनाया गया था। सिंह ने महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसे देशमुख ने खारिज किया था। देशमुख बाद में मंत्री पद से हट गए। सीबीआई ने सिंह के आरोपों पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।

--

आखिरी बार 7 अप्रैल को दिखे थे परमबीर

परमबीर सिंह आखिरी बार 7 अप्रैल को सार्वजनिक तौर पर दिखे थे। वह 4 मई को कार्यालय आए और उसके बाद स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर चले गए थे। पुलिस ने 20 अक्तूबर को बताया कि सिंह की कोई जानकारी नहीं है।

--

‘परमबीर को जान का खतरा हैरानी की बात : महाराष्ट्र के गृह मंत्री

मुंबई। महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने गुरुवार को कहा कि ‘मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि मुंबई और ठाणे के पुलिस आयुक्त के पद पर रहे व्यक्ति को अपनी जान पर खतरा महसूस होता है। वह सिंह की सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दायर उस याचिका पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा है कि वह इसलिए छिप रहे थे क्योंकि उनकी जान को खतरा है। सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ महाराष्ट्र में दर्ज आपराधिक मामलों में सोमवार को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। साथ ही न्यायालय ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पुलिस अधिकारियों और वसूली करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करने पर उन्हें तंग किया जा रहा है तो आम आदमी का क्या होगा।

-

नवाब मलिक ने भी आईपीएस अधिकारी को निशाने पर लिया

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने गुरुवार को परमबीर सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त, अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद आखिरकार सामने आ गए। मलिक ने पत्रकारों से कहा, ‘सिंह का आज मुंबई में सामने आना दिखाता है कि उन्हें भगोड़ा घोषित किया जाना जरूरी था। मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से तबादले के बाद से वह ड्यूटी पर नहीं आए। सिंह गिरफ्तारी से संरक्षण हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए। शीर्ष अदालत में उनकी इस दलील पर कोई विश्वास नहीं करेगा कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंह ने राकांपा के नेता एवं राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ गलत आरोप लगाए, जो राजनीति से प्रेरित थे। मलिक ने कहा कि देशमुख अदालत में अपनी लड़ाई लड़ेंगे और खुद को निर्दोष साबित करेंगे।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें