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16 जनवरी, 2021|8:39|IST

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ओटीपी पूछकर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाला गिरोह पकड़ा

शाहदरा जिला पुलिस ने ठगी का कॉल सेंटर चलाने वाले एक गिरोह को 18 नवंबर को पकड़ा है। गिरोह लोगों को झांसे में लेकर उनसे ओटीपी (वन टाइन पासवर्ड) पूछ लेता था और फिर इसी के सहारे उनके खातों से रकम उड़ाता था। इसके लिए गिरोह ने फर्जी आईडी पर बहुत से सिम कार्ड ले रखे थे। पुलिस ने मामले में दो सिम विक्रेताओं समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में संजय चड्ढा, संजीव चड्ढा, आमिर खान, अभिषेक, कुंदन गुप्ता, संदीप सिंह और सत्यन विजय राठौर शामिल हैं। इनमें संजय और संजीव सगे भाई हैं, जो सिम कार्ड विक्रेता हैं। वहीं, अभिषेक बीटेक इंजीनियर है। पुलिस को अब कॉल सेंटर के दो डायरेक्टर और मुख्य सिमकार्ड विक्रेता को तलाश रही है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 60 एक्टिवेटिड सिमकार्ड, 20 वॉकी-टॉकी और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि 18 नवंबर को सूचना मिली थी कि जीटी रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास एक शख्स फर्जी सिम बेचने आने वाला है। सूचना पर पुलिस मौके सेसंजय चड्ढा को 28 एक्टिवेटिड सिमकार्ड के साथ धर दबोचा। सभी सिमकार्ड फर्जी आईडी पर लिए गए थे। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे दो दिनों के रिमांड पर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने भाई संजीव चड्ढा के साथ एक्टिवेटेड सिमकार्ड बेचता है। वह फर्जी आईडी पर अक्षय नाम के एक शख्स से सिम लेता था।

सागरपुर में फर्जी कॉल सेंटर चलता था

एक्टिवेटेड सिम कार्ड दोनों भाई विभिन्न कॉल सेंटर को मोटी रकम में बेच देते थे। फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले लोग इनका इस्तेमाल ठगी और फर्जीवाड़े करने में करते थे। आरोपी से पता चला कि उसने दक्षिण-पश्चिम जिले के सागरपुर में एक कॉल सेंटर को एक्टिवेटेड सिम कार्ड बेचे थे। फिर पुलिस ने जस्ट डील बाजार के नाम से चल रहे कॉल सेंटर से पांच लड़कों को दबोच लिया। कॉल सेंटर तिशु वर्मा व ऋषु वर्मा नामक शख्स चला रहे थे।

दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाते थे

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले वे बैंक खाता धारकों का डाटा पता करते थे और फिर फर्जी आईडी से लिए गए एक्टिवेटिड सिमकार्डों का इस्तेमाल कर दक्षिण भारत के बैंक खाता धारकों को कॉल करते थे। बातों ही बातों में वे पीड़ित को अपने जाल में फंसा कर उससे ओटीपी नंबर पूछ लेते थे। इसके बाद वे उनके खाते से रुपये निकाल लेते थे।

एक हजार सिमकार्ड बेच चुके

पिछले काफी समय से एक्टिवेटिड सिमकार्ड का धंधा करने वाले संजय और संजीव अब तक फर्जी आईडी पर करीब एक हजार सिमकार्ड बेच चुके हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है आरोपियों ने किन-किन लोगों को सिम बेचे हैं।