Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsOpposition Responds to PM Modi s Drama Claims Calls for Accountability on Key Issues
 विपक्ष ने प्रधानमंत्री के ड्रामा करने पर आरोप किया पलटवार

विपक्ष ने प्रधानमंत्री के ड्रामा करने पर आरोप किया पलटवार

संक्षेप:

- जवाबदेही की मांग को ड्रामा कहकर खारिज नहीं कर सकते- संसद में मुद्दों पर चर्चा की इजाजत नहीं देना ड्रामा होता है नई दिल्ली विशेष संवाददाताविपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रामा करने के आरोप पर...

Dec 01, 2025 05:13 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रामा करने के आरोप पर पलटवार किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि शासन संबंधी मुद्दों पर जवाबदेही की मांग को ड्रामेबाजी कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। विपक्षी दलों का आरोप है कि ड्रामे का मतलब जनता से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक चर्चा की इजाजत नहीं देना होता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद के समक्ष मुख्य मुद्दों की बात करने के बजाए फिर से ड्रामेबाजी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब ध्यान भटकाने का नाटक खत्म कर जनता के असली मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। हकीकत यह है कि सरकार ने संसदीय मर्यादा को लगातार कुचला है।

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दरअसल, पीएम ने कहा कि संसद में विपक्ष संसद की हताशा निकाल रहा है। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और वायु प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में लोक महत्व के मुद्दों को उठाना नाटक नहीं है, बल्कि इन अहम मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दिया जाना नाटक है। केंद्र सरकार को एसआईआर पर संसद के दोनों सदनों में विस्तार से चर्चा करानी चाहिए। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के बयान पर कहा कि यह सभी को पता है कि ड्रामा कौन करता है। उन्होंने सवाल किया कि एसआईआर में जुटे बीएलओ की जान जाना भी ड्रामा है। एसआईआर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि ईमानदारी से काम हो, कोई मतदाता नहीं छूटे। सरकार को पारदर्शिता बरतनी चाहिए कि किसी के अधिकारों का हनन न हो। तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने कहा कि विपक्ष एसआईआर पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है। क्या यह ड्रामा है। लोगों की आवाज उठाना ड्रामा है, तो लोग अगले चुनाव में उन्हें जवाब देंगे। बीएलओ सहित 40 लोगों की मौत हुई है, सभी ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में सरकार की जवाबदेही कहां है। दरअसल, शीतलाकीन सत्र के दौरान विपक्ष एसआईआर पर बहस की मांग कर रहा है।