सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकती है तृणमूल कांग्रेस

Mar 09, 2026 08:48 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली में, विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। सीईसी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद, टीएमसी बजट सत्र के दौरान महाभियोग का नोटिस देने की कोशिश कर रही है।

सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकती है तृणमूल कांग्रेस

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव के बाद विपक्ष अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अगुवाई में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा हैं। विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मौजूदा सत्र के दौरान सीईसी के खिलाफ महाभियोग का नोटिस दे सकता है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष लगातार सीईसी ज्ञानेश कुमार पर हमलावर है। पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर के मुद्दे पर सीईसी के खिलाफ ज्यादा मुखर है।

यही वजह है कि टीएमसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रही है। दरअसल, पार्टी बजट सत्र के पहले हिस्से में ही सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का नोटिस देना चाहती थी, पर उस वक्त कांग्रेस इस पर तैयार नहीं थी। यही वजह थी कि टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने वाले प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, पर अब स्थितियां बदल गई हैं।टीएमसी ने कांग्रेस की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है। टीएमसी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता वाली संसदीय दल के नेताओं की बैठक में भी शामिल हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब कांग्रेस भी सीईसी को हटाने के प्रस्ताव पर कुछ हद तक सहमत है। ऐसे में हमारी कोशिश है कि संसद के इसी सत्र के दौरान महाभियोग का नोटिस दे दिया जाए।टीएमसी के एक सांसद ने कहा कि सीईसी के खिलाफ महाभियोग के नोटिस का ड्राफ्ट तैयार करने का काम शुरू हो गया है। इसके बाद जरूरी संख्या से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर कराए जाएगें। हालांकि, रणनीति तौर पर अभी यह निर्णय नहीं किया गया है कि प्रस्ताव को लोकसभा में लाया जाए या राज्यसभा में पेश किया जाए।मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के लिए लोकसभा में सौ और राज्यसभा में पचास सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत होती है। नोटिस के बाद समिति का गठन किया जाता है। विपक्ष सीईसी के खिलाफ महाभियोग का नोटिस देता है, तो देश में पहली बार होगा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग आएगा।

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