आदिवासियों की दुर्दशा पर केंद्र, पश्चिम बंगाल को नोटिस

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को...

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आदिवासियों की दुर्दशा पर केंद्र, पश्चिम बंगाल को नोटिस
Newswrap हिन्दुस्तान टीम , नई दिल्ली
Mon, 26 Feb 2024 11:45 PM

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर राज्य के सुंदरबन क्षेत्र में बाल विवाह, मानव तस्करी, मानव-वन्यजीव संघर्ष और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर तथ्यात्मक और कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता राधाकांत त्रिपाठी की एक रिपोर्ट के आधार पर पिछले सप्ताह ये नोटिस जारी किये। त्रिपाठी ने आयोग को सौंपे अपने अभ्यावेदन में कहा कि क्षेत्र की दो लाख से अधिक आदिवासी आबादी हाशिए पर है। इनमें मुख्य रूप से मुंडा, संथाल, भूमिज और ओरांव जनजातियां शामिल हैं। उन्होंने सुंदरबन में बाल विवाह प्रचलित होने पर भी प्रकाश डाला।

त्रिपाठी ने कहा कि लड़कियों की शादी 15-16 साल में होना आम बात है। हसनाबाद पंचायत में हर साल कम उम्र में विवाह के लगभग 15 मामले सामने आते हैं। रूढ़िवादी दृष्टिकोण बाल विवाह की उच्च दर में योगदान देता है। उन्होंने मानव तस्करी को भी बड़ी चिंता बताया। उन्होंने कहा कि लापता महिलाओं और लड़कियों की संख्या में पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर है।

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