नोबेल शांति पुरस्कार: मेडल मालिक बदल सकता है, पर विजेता का खिताब नहीं: नोबेल शांति समिति
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को सौंपा। नोबेल पीस सेंटर ने कहा कि मेडल का मालिक बदल सकता है, लेकिन पुरस्कार विजेता का खिताब स्थायी है। उन्होंने पुरस्कार ट्रांसफर के नियमों को समझाते हुए दिमित्री मुरातोव का उदाहरण दिया।

नॉर्वे, एजेंसी। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो के नोबेल शांति पुरस्कार मेडल अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को सौंपने पर नोबेल पीस सेंटर ने कहा कि मेडल मालिक बदल सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का खिताब नहीं बदला जा सकता। नोबेल पीस सेंटर ने पुरस्कार ट्रांसफर करने के नियमों को समझाते हुए एक्स पर लंबी पोस्ट डाली है। दिमित्री मुरातोव का उदाहरण पोस्ट में कहा गया है कि यह मेडल एक हाथ से दूसरे हाथ में जा सकता है। उदाहरण के लिए, दिमित्री मुरातोव ने अपना मेडल 100 मिलियन डॉलर (करीब 800 करोड़ रुपये से ज्यादा) में नीलाम कर दिया था ताकि यूक्रेन के युद्ध पीड़ितों की मदद की जा सके।
'नोबेल पीस सेंटर' में जो मेडल रखा है, वह भी असली विजेता (क्रिश्चियन लॉस लांगे) का है जिसे वहां प्रदर्शन के लिए उधार लिया गया है। फैसला बदला नहीं जा सकता नार्वेजियन नोबेल समिति ने कहा है कि हमारा फैसला अंतिम होता है। एक बार अगर जब नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाती है तो इसे रद्द नहीं किया जा सकता, न ही साझा किया सकता है या दूसरों को ट्रांसफर किया जा सकता है। यह फैसला अंतिम है और हमेशा के लिए मान्य है। 120 सालों में नहीं बदली मेडल की डिजाइन नोबेल शांति पुरस्कार मेडल का डिजाइन बीते 120 सालों में नहीं बदला है। यह मेडल 6.6 सेंटीमीटर चौड़ा है और इसका वजन 196 ग्राम है। यह सोने से बना होता है। मेडल के सामने वाले हिस्से पर अल्फ्रेड नोबेल का चित्र है। इसके दूसरी तरफ तीन निर्वस्त्र पुरुषों को एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखे दिखाया गया है, जो भाईचारे का संदेश देता है।
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