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नौवां रायसीना डायलॉग : भारत विश्व मंच पर एक महान शक्ति : मित्सोटाकिस

ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने बुधवार को कहा कि आज भारत विश्व मंच पर एक महान शक्ति है। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक ताकत है।...

नौवां रायसीना डायलॉग :  भारत विश्व मंच पर एक महान शक्ति : मित्सोटाकिस
हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीWed, 21 Feb 2024 11:00 PM
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नई दिल्ली, एजेंसी। ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने बुधवार को कहा कि आज भारत विश्व मंच पर एक महान शक्ति है। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक ताकत है। शांति और सुरक्षा की खोज में एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। जी20 के केंद्र में एक उभरती हुई ताकत है।
मित्सोटाकिस बुधवार को नई दिल्ली में नौवें रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शुभारंभ किया। यह सम्मेलन 23 फरवरी तक चलेगा। रायसीना डायलॉग भारत का एक प्रमुख सम्मेलन है।

भारत से साझेदारी बढ़ाना यूरोप की विदेश नीति का आधार होना चाहिए

रायसीना डायलॉग के मुख्य वक्ता ग्रीस के प्रधानमंत्री मित्सोटाकिस ने कहा, मैं चाहता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के साथ हमारी साझेदारी को और मजबूत करें। मित्सोटाकिस ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज और बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत के साथ साझेदारी बढ़ाना यूरोप की विदेश नीति का आधार होना चाहिए। हम इस पर लगातार काम कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को आगे ले जाने के लिए लगातार काम किया है। मित्सोटाकिस ने यूक्रेन में संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इस बात का भारत ने समर्थन किया है।

2030 तक भारत-ग्रीस व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

ग्रीस के पीएम ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ग्रीस ने किसी भी यूरोपीय देश की तुलना में सबसे तेज विकास दर हासिल की है। भारत पहले से ही ग्रीस के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश कर रहा है, जिसमें जीएमआर द्वारा नए हवाई अड्डे का निर्माण भी शामिल है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है, लेकिन हम प्रधानमंत्री मोदी से सहमत हैं कि हमें और अधिक करने की आवश्यकता है। हमें 2030 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित करने की जरूरत है।

हम यूरोप में भारत के लिए प्रवेश द्वार की तरह

भारत और ग्रीस लोकतंत्र को किसी अड़ेंगे नहीं बल्कि मौके के रूप में देखते हैं। दोनों देशों में सांस्कृतिक और रणनीतिक तौर पर काफी समानताएं हैं। ऐसे में हम भारत और यूरोप के बीच बातचीत के एक जरिए के तौर पर काम कर सकते हैं। भारत-ग्रीस डेटा और ऊर्जा के लिए नए उत्पाद पर काम कर रहे हैं। इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर (आईएमईसी) भारत, मध्य पूर्व और यूरोप की बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के बीच कनेक्टिविटी का बेहतरीन जरिया होगा। ग्रीस इस कॉरिडोर के केंद्र में है।

भारत लोकतंत्र की ताकत का सबसे बड़ा सबूत

भारत दुनिया के लिए एक उदाहरण है। भारत दिखाता है कि कैसे मजबूत लोकतंत्र से आर्थिक विकास होता है और देश कामयाबी की तरफ आगे बढ़ता है। भारत लोकतंत्र की ताकत का सबसे बड़ा सबूत है। उन्होंने कहा कि भारत रायसीना डायलॉग को क्षेत्रीय से वैश्विक स्तर पर लेकर आया है। 2024 में करीब 64 देशों में चुनाव हैं। इस लिहाज से यह साल बेहद अहम है। प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, कई देशों के विदेश मंत्रियों और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों तथा शिक्षाविदों ने सत्र में हिस्सा लिया।

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चतुरंग है थीम

रायसीना डायलॉग 2024 की थीम चतुरंग है। यानी कॉनफ्लिक्ट (संघर्ष), कॉन्टेस्ट (प्रतियोगिता), को-ऑपरेट (सहयोग) और क्रिएट (निर्माण)। चतुरंग असल में भारत में शुरू हुआ एक खेल है, जिसे शतरंज और मकरक जैसे खेलों का पुराना स्वरूप कहा जाता है। इसमें चार सेनाएं होती हैं, जिनमें हाथी सेना, रथ सेना, घुड़सवार और पैदल सेना शामिल होती है।

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साझेदारी निश्चित रूप से एक आधार : जयशंकर

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि भूमध्यसागरीय क्षेत्र में भारत की बढ़ती रुचि इसके लगातार आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा, भारत-यूनान साझेदारी निश्चित रूप से एक आधार के रूप में काम कर सकती है। उन्होंने कहा, जैसे-जैसे भारत विदेशों में अपनी पैठ बढ़ा रहा है, यूनान एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है। हमारा फार्मास्युटिकल उद्योग, हमारा कृषि-व्यवसाय और विमानन पहले से ही वहां स्थापित है।

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