Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsNIA Files Chargesheet Against Vishal Singh for Maoist Conspiracy in Northern India
यूपी के ध्यानार्थ :::: एनआईए ने माओवादी संगठन मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल की

यूपी के ध्यानार्थ :::: एनआईए ने माओवादी संगठन मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल की

संक्षेप:

एनआईए ने मथुरा निवासी विशाल सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। विशाल पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित माओवादी संगठन को उत्तर भारत में फिर से स्थापित करने की साजिश में शामिल था। उसे देशद्रोह और यूएपीए की धाराओं के तहत आरोपित किया गया है। जांच जारी है और और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Nov 29, 2025 09:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, एजेंसी। एनआईए ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी विशाल सिंह उर्फ सूरज के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। विशाल पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन सीपीआई (माओवादी) को उत्तर भारत में फिर से खड़ा करने की खतरनाक साजिश का हिस्सा था। यह मामला उत्तर भारत के सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में माओवादी संगठन की कमजोर होती पकड़ को दोबारा मजबूत करने से जुड़ा है। एनआईए ने विशाल सिंह पर देशद्रोह की धारा 121ए के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) की धारा 18, 20, 38 और 39 लगाई है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

ये वही केस है, जिसमें फरवरी, 2025 में पहली चार्जशीट अजय सिंघल उर्फ अमन के खिलाफ दाखिल की गई थी। जांच में पता चला है कि माओवादी संगठन के नेता, कैडर और शहरों में छिपे उनके समर्थक मिलकर उत्तर भारत में नया नेटवर्क बना रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विशाल सिंह बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित घने जंगलों छकरबंधा और पचरुखिया इलाके में दस दिन तक रहा। वहां उसने माओवादी लड़ाकों को ड्रोन उड़ाने और इसका इस्तेमाल करने की पूरी ट्रेनिंग दी। इसके अलावा उसने संगठन के वरिष्ठ नेता प्रमोद मिश्रा उर्फ सोहन दा और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के सेंट्रल कमेटी सदस्य संदीप यादव उर्फ रूपेश के साथ कई गोपनीय बैठकें भी कीं। अब तक दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई एनआईए का कहना है कि विशाल सिंह का काम सिर्फ तकनीकी मदद तक सीमित नहीं था। वह संगठन को हथियार, ट्रेनिंग और खुफिया जानकारी मुहैया कराने में भी सक्रिय था। अभी तक इस मामले में दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और कई आरोपी फरार हैं। एनआईए ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।