गांधीनगर में दूषित पेयजल से टायफाइड पर मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गांधीनगर में दूषित पेयजल के कारण टायफाइड के मरीजों की बढ़ती संख्या पर नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने 70 सक्रिय मामलों की पुष्टि की है। पाइपलाइन में लीक के कारण सीवेज का पानी मिल रहा है। आयोग ने दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुजरात के गांधीनगर में दूषित पेयजल की आपूर्ति से टायफाइड मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुये नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने टायफाइड के कुल 70 सक्रिय मामलों की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के गांधीनगर में नई बिछाई गई पाइप लाइन में गंभीर कमियां पाई गई हैं। पाइपलाइन में सात जगहों पर लीक का पता चला है, जिससे सीवेज का पानी पेयजल में मिल रहा है। आयोग ने कहा है कि संबंधित खबर अगर सच है तो यह पीड़ितों के मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला है।
इस सिलसिले में आयोग ने गुजरात के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में टायफाइड से पीड़ित घरों में इलाजरत और अस्पताल में भर्ती मरीज़ों की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी गई है। रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि यह जलजनित बीमारी का प्रसार है और मरीज़ों का जल्द पता लगाकर उन्हें प्राथमिकता के आधार तुरंत मेडिकल सहायता दी जा रही है। गांधीनगर सिविल हॉस्पिटल में टायफाइड के मरीज़ों की बढ़ती संख्या, जिसमें अधिकांश बच्चे हैं, को देखते हुए 30 बिस्तर वाला पीडियाट्रिक वार्ड स्थापित किया गया है। बताया गया है कि मरीज तेज बुखार और पेट से जुड़ी समस्या के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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