
बेघरों को शीतलहर से बचाने के लिए एनएचआरसी ने दिए निर्देश
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शीतलहर से कमजोर तबके और बेघरों को बचाने के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित 19 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों को कदम उठाने का निर्देश दिया है। 2019 से 2023 के बीच शीतलहर से 3639 मौतें हुईं। आयोग ने ठंड से जुड़ी बीमारियों के लिए मेडिकल केयर का प्रावधान करने की अपील की।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संभावित शीतलहर से समाज के कमजोर तबके और बेघरों को बचाने के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों को पहले से समुचित कदम उठाने का निर्देश दिया। मानवाधिकार आयोग ने 19 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किया है। एनएचआरसी ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में कहा गया कि 2019 से 2023 के बीच शीतलहर से देश भर में 3639 मौंते हुई। सबसे अधिक मौतें उत्तराखंड में हुई। आयोग ने राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों से• ठंड से जुड़ी बीमारियों के लिए मेडिकल केयर देना और इलाज के स्टैंडर्ड तरीके लागू करने को कहा है।
मानवाधिकार आयोग ने 19 राज्य सरकारों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों से पहले से कदम उठाने और राहत के उपाय करने को कहा है। आयोग ने कहा कि इन उपायों का मकसद सबसे कमजोर लोगों, खासकर नवजात, बच्चों, गरीबों, बुज़ुर्गों, बेघरों, बेसहारा और भिखारियों की रक्षा करना होना चाहिए, जो घर और संसाधनों की कमी के कारण शीतलहर की चपेट में आ सकते हैं। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को जागरूक करने की अपील की। आयोग ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एडमिनिस्ट्रेशन से शीतलहर में अनचाही घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की एक विस्तृत रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। आयोग ने राज्यों से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की की दिशा-निर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू करना को कहा है कि ठंड के चलते किसी की मौत न हो। --------------------------------------- 2019 से 2023 के बीच शीतलहर से 3639 कुल मौतें हुईं --------------------------------------- उत्तराखंड-797, पंजाब-734 , बिहार-734 ठंड से बचाने के उपाय * इलाज के प्रोटोकॉल बनाना * दिन और रात के आश्रय गृह का पर्याप्त इंतजाम * ठंड से जुड़ी बीमारियों के लिए मेडिकल केयर और इलाज के स्टैंडर्ड तरीके लागू करना * राहत की कोशिशों की लगातार निगरानी करना * असर पक्का करने के लिए सक्रिय तरीका अपनाना।

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