मिर्गी की दवा के दुरूपयोग पर बिक्री नियम सख्त किए
मिर्गी की दवा के दुरूपयोग पर बिक्री नियम सख्त किएनई दिल्ली विशेष संवाददाता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिर्गी और तंत्रिका विकार के उपचार की दवा प्रेगैबलिन को एच-1 अनुसूची में डालने फैसला किया है।...

मिर्गी की दवा के दुरूपयोग पर बिक्री नियम सख्त किए नई दिल्ली विशेष संवाददाता
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिर्गी और तंत्रिका विकार के उपचार की दवा प्रेगैबलिन को एच-1 अनुसूची में डालने फैसला किया है। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब केमिस्ट को इस दवा के खरीदारों का रिकार्ड रखना अनिवार्य होगा।
दवा के दुरूपयोग की शिकायतें
स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि यह कदम इस दवा के बढते दुरुपयोग की शिकायतों के मद्देनजर उठाया गया है। दरअसल इसका इस्तेमाल युवाओं द्वारा दर्द से तत्काल राहत पाने, मानसिक शांति और अवसाद दूर करने के लिए किया जा रहा था। इससे नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं क्योंकि यह दवा इन बीमारियों के लिए नही बनी है।
अवैध बिक्री की समस्या
इतना ही नहीं, देश के कुछ हिस्सों से हाल ही में अवैध रूप से भंडारित और अनधिकृत रूप से बेची गई प्रेगैबलिन की खेप जब्त होने की भी सूचना मिली है।
नियमों का कड़ाई से पालन
इन्हीं कारणों से प्रेगैबलिन को अब औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन नियम, 1945 के अंतर्गत वर्तमान अनुसूची एच के बजाय अनुसूची एच1 के सख्त प्रावधानों के अंतर्गत विनियमित किया जाएगा।
अनुसूची एच1 के अंतर्गत आने वाली दवा पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के बिना खुदरा बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होती है।
खुदरा विक्रेताओं को दवा की बिक्री का विवरण दर्ज करने के लिए एक अलग रजिस्टर बनाना होता है जिसमें मरीज और डाक्टर दोनों का विवरण दर्ज होता है।
निर्माताओं को दवा की पैकेजिंग पर अनुसूची एच1 दवा चेतावनी लेबल प्रमुखता से प्रदर्शित करना होता है।
नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कारवाई का भी प्रावधान है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


