श्रमिकों को ‘एनपीएस संचय’ से मिलेगी पेंशन सुरक्षा

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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शोल्डर --- असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए नई योजना शुरू, इनमें निवेश करना आसाना

श्रमिकों को ‘एनपीएस संचय’ से मिलेगी पेंशन सुरक्षा

नई दिल्ली, एजेंसी। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने ‘एनपीएस संचय’ नाम से नई योजना शुरू की है। इसके तहत देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा और उन्हें पेंशन सुरक्षा दी जाएगी। पीएफआरडीए के अनुसार, देश के लगभग 90 प्रतिशत कामगार असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इनमें दिहाड़ी मजदूर, छोटे दुकानदार, गिग वर्कर, घरेलू कामगार, स्वरोजगार करने वाले लोग और छोटे कारोबारी शामिल हैं। ऐसे लोग अब तक औपचारिक पेंशन व्यवस्था से बाहर रहे हैं। इन्हीं लोगों को ध्यान में रखकर ‘एनपीएस संचय’ योजना लाई गई है। यह योजना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत ही चलाई जाएगी, लेकिन इसे अधिक सरल और लचीला बनाया गया है। पीएफआरडीए ने कहा है कि एनपीएस संचय में न्यूनतम योगदान और शुल्क संरचना को आम लोगों के लिए आसान रखा गया है, ताकि कम आय वाले लोग भी इसमें आसानी से निवेश कर सकें.

क्या है मकसद

एनपीएस संचय का मुख्य मकसद निवेश प्रक्रिया को आसान बनाना है ताकि अंतिम स्तर पर सलाह की कमी के बावजूद लोग आसानी से सेवानिवृत्ति के लिए बचत कर सकें। अक्सर लोग निवेश विकल्प और कहां पैसा लगाना है, जैसी जटिल चीजों को समझ नहीं पाते हैं। इस योजना के इस तरह की उलझन नहीं होगी।

कौन कर सकता है निवेश

- इस योजना में भारत का कोई भी नागरिक निवेश कर सकता है, जिसकी उम्र 18 से 85 साल के बीच हो।

- एनपीएस संचय खाता खोलने के लिए केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।

- यह योजना पूरी तरह वॉलेंट‍ियरी है यानी निवेशक को खुद ही अंशदान करना होगा।

- इस योजना में लगने वाले शुल्क सामान्य एनपीएस के समान है। जो मानक शुल्क तय हैं, वही इस पर भी लागू होंगे।

ऐसे खोल सकते हैं खाता

- कोई भी व्यक्ति घर बैठे ई-एनपीएस पोर्टल या KFintech के जर‍िये ऑनलाइन खाता खोल सकता है।

- यद‍ि ऑफलाइन तरीके से खाता खोलना है तो किसी भी पंजीकृत बैंक, वित्तीय संस्थान या सेवा केंद्रों पर जाकर पंजीकरण कराना होगा।

कैसे और कितना निवेश

योजना में निवेश का तरीका मौजूदा सरकारी पेंशन योजनाओं जैसे ही होगा। उदाहरण के लिए अटल पेंशन योजना में जिस तरीके से निवेश होता है, वैसा ही पैटर्न होगा। एनपीएस संचय में न्यूनतम और आगे के योगदान के नियम वही होंगे, जो एनपीएस की अन्य सामान्य योजनाओं में लागू हैं। यानी इस स्कीम में खाता खोलने के लिए शुरुआत में कम से कम ₹500 जमा करने होंगे। वहीं, खाते को सक्रिय बनाए रखने के लिए पूरे साल में न्यूनतम ₹1000 का निवेश जरूरी है। भविष्य में पीएफआरडीए इनमें बदलाव कर सकता है.

निकासी और आंशिक निकासी के नियम

इस योजना में निकासी और आंशिक निकासी के नियम भी मौजूदा एनपीएस के समान ही रहेंगे, जिनमें समय-समय पर बदलाव संभव है। एनपीएस संचय पर लगने वाले शुल्क भी उसी तरह के होंगे जैसे एनपीएस वात्सल्य और एनपीएस लाइट में लागू होते हैं।

कई विकल्प मिलेंगे

यह योजना ऑल सिटीजन मॉडल और मल्टी स्कीम फ्रेमवर्क के तहत आती है। एनपीएस संचय को सभी पेंशन फंड कंपनियों के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। जमा राशि को शेयर, सरकारी बॉंड और कॉरपोरेट बॉंड जैसी परिसंपत्तियों में निवेश किया जाएगा। निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार योजना चुनने का विकल्प भी मिलेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनपीएस संचय योजना का उद्देश्य क्या है?
एनपीएस संचय का मुख्य मकसद निवेश प्रक्रिया को आसान बनाना है ताकि अंतिम स्तर पर सलाह की कमी के बावजूद लोग आसानी से सेवानिवृत्ति के लिए बचत कर सकें।
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