Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsNew Emporio in Connaught Place to Showcase 650 GI Tag Products
संपादित---खादी सहित 650 स्वदेशी उत्पादों के लिए कनॉट प्लेस में व्यापार केंद्र बनाने की तैयारी

संपादित---खादी सहित 650 स्वदेशी उत्पादों के लिए कनॉट प्लेस में व्यापार केंद्र बनाने की तैयारी

संक्षेप:

-- उद्योग मंत्री सिरसा ने खादी ग्रामोद्योग की बैठक में लिया फैसला नई

Oct 24, 2025 08:36 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए दिल्ली के कनॉट प्लेस में भव्य एम्पोरियो (व्यापार केंद्र) बनाया जाएगा। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि यहां पर लगभग 650 जीआई टैग उत्पादों को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित किया जाएगा। शुक्रवार दिन में दिल्ली खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया है। सिरसा ने बताया कि पिछली सरकारों में उपेक्षित रहे बोर्ड को अब नई ऊर्जा देने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। लगभग तीन साल नौ महीने बाद बोर्ड की 54वीं बैठक आयोजित की गई। इसमें खादी व ग्रामोद्योग के समग्र पुनरुत्थान पर फोकस किया गया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

बोर्ड बैठक में डीएसआईआईडीसी के सहयोग से देश के लगभग 650 जीआई टैग उत्पादों की बिक्री प्रदर्शनी के लिए एक प्लेटफार्म या एम्पोरियो को तैयार करने को मंजूरी दे दी गई है। कनॉट प्लेस में बनने वाले इस एम्पोरियो में देशी व विदेशी खरीददार भारत की हस्तशिल्प की विरासत को एक ही छत के नीचे देख-परखकर खरीद सकेंगे। बोर्ड बैठक में कुटीर उद्योग के लिए कौशल वृद्धि योजना और बोर्ड पुनरुत्थान से जुड़े 17 प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। गांधी के सपने को पूरा करना लक्ष्य उद्योग मंत्री सिरसा ने कहा कि पिछली सरकारें महात्मा गांधी के स्मारक पर हर साल जाकर प्रेरणा लेने की बात तो कहती थीं, लेकिन गांधी के खादी के सपने को वे पूरी तरह भूल गई थीं। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की चार साल तक एक भी बैठक नहीं हुई। आज उस परंपरा को फिर से जीवित किया गया है। सिरसा ने बताया कि बोर्ड के नए एक्ट और नियम तैयार करने के लिए कानूनी सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। इससे बोर्ड के कामकाज को और मजबूत व व्यवस्थित किया जा सके। सिरसा ने कहा कि हमारे छोटे कारीगरों के पास कला तो है, लेकिन अपने हाथों से बनाए उत्पादों को बेचने का न साधन है और न ही प्लेटफार्म। अब बोर्ड उनके लिए वह माध्यम बनेगा जो उनकी कला को बाजार तक पहुंचाएगा।