परेशानी: नए सत्र में किताबों की किल्लत, आधी ही छाप पाया एनसीईआरटी
नई दिल्ली में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने बाद भी एनसीईआरटी किताबों की कमी बनी हुई है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2026-27 सत्र के लिए 15 करोड़ किताबें छापने का लक्ष्य था, लेकिन केवल 7 से 8 करोड़ ही छप पाई हैं। छात्रों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है।

नई दिल्ली, एजेंसी। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बाजार में एनसीईआरटी किताबों की कमी बनी हुई है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, 2026-27 सत्र के लिए करीब 15 करोड़ किताबें छापने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 7 से 8 करोड़ प्रतियां ही छप सकीं हैं।एनसीईआरटी ने नए पाठ्यक्रम योजना के तहत कक्षा 3 से 9 तक की संशोधित पाठ्यपुस्तकें जारी की हैं। हालांकि, किताबों की छपाई में देरी के कारण बड़ी संख्या में छात्र अब भी नई पुस्तकों से वंचित हैं, जबकि शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है।शिक्षा
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मई महीने में छपाई की रफ्तार बढ़ाकर मांग और आपूर्ति के अंतर को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। नई किताबें उपलब्ध नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने के सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल छात्र पिछले वर्षों की पुस्तकों से पढ़ाई कर रहे हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


