नासा करेगा पहली बार करोड़ों तारों को स्कैन
नासा पहली बार करोड़ों तारों को स्कैन करेगा, जिससे यह पता चलेगा कि कौन से तारों के आसपास ग्रह लंबे समय तक रहते हैं। नैन्सी ग्रेस रोमन दूरबीन 6,48,000 तारों का अध्ययन करेगी। यह तकनीक तारे के आकार और उम्र का पता लगाने में मदद करेगी। इसकी लॉचिंग 2027 के बीच होगी।

वॉशिंगटन, एजेंसी। अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी नासा पहली बार करोड़ों तारों को स्कैन करेगी। इसकी मदद से यह देखा जाएगा कि कौन से तारों के आसपास ग्रह लंबे समय तक रहते हैं। साथ ही यह कई करत के अध्ययन में भी मदद करेगा। नासा की नैन्सी ग्रेस रोमन अंतरिक्ष दूरबीन (टेलिस्कॉप) यह कार्य करेगी। यह तीन लाख से भी ज्यादा लाल दानव तारों को स्कैन करेगा। यह कम समय में बेहद ज्यादा तारे देख सकता है। इसकी लॉचिंग अगले साल अक्तूबर से मई 2027 के बीच रखी गई है। नासा के अनुसार, हर 12 मिनट में यह करोड़ों तारों पर नजर डालेगा।
इससे वैज्ञानिक नए दूसरी दुनिया खोजेंगे और समझेंगे कि पुराने तारे कैसे बदलते और जीते हैं रोलन दूरबीन नाम की तकनीक इस्तेमाल करेगा। यह तारों के अंदर होने वाले कंपन या भूकंप जैसे झटके को मापता है। इनसे वैज्ञानिक जान पाते हैं कि तारे का आकार, उसकी उम्र कितनी है। पहले अनुमान था कि यह 2,90,000 तारों पर ये टेस्ट करेगा। अब लग रहा है ये 6,48,000 तारों तक पहुंच सकता है। यह अब तक का सबसे बड़ा स्टार प्रयोग होगा। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे जान पाएंगे कि छिपे हुए युवा तारे कहां हो सकते हैं। हमारी आकाशगंगा कैसे बनी और कैसे बदल रही है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



