आर्टेमिस मिशन:2- अंतरिक्ष यात्रियों ने किया चांद का करीब से दीदार

Apr 07, 2026 07:00 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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आर्टेमिस मिशन-2 के तहत अंतरिक्ष वैज्ञानिक चंद्रमा के पास पहुंचे हैं। उन्होंने चांद के दूरस्थ हिस्से की तस्वीरें ली हैं और दो क्रेटर के नाम रखने की अनुमति मांगी है। मिशन ने पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने वैज्ञानिकों को सराहा और चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति का लक्ष्य बताया।

आर्टेमिस मिशन:2- अंतरिक्ष यात्रियों ने किया चांद का करीब से दीदार

आर्टेमिस मिशन-2 के तहत चंद्रमा के करीब पहुंचे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने चंद्रमा और उसके आसपास के क्षेत्रों को निहारना शुरू कर दिया है। नासा के अनुसार अंतरिक्ष यात्री चांद के उस दूरस्थ हिस्से को अपनी आंखों से देख रहे हैं जिसे आज तक किसी इंसान ने सीधे नहीं देखा है। नासा के अनुसार ओरियन यान में सवार वैज्ञानिकों ने कैमरों से क्रेटर की तस्वीरें कैद की हैं। वैज्ञानिकों ने दो क्रेटर का नाम रखने की अनुमति भी नासा से मांगी है। मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के करीब पहुंचकर अपना सात घंटे का फ्लाईबाई शुरू कर दिया है। इससे पहले क्रू को 40 मिनट तक ब्लैकआउट में रहना पड़ा था यानी इतनी देर तक पृथ्वी से उनका संपर्क टूटा हुआ था।

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक क्रेटर का नाम मिशन से जुड़े कैप्सूल इंटिग्रिटी तो दूसरे का नाम मिशन कमांडर रीड वाइसमैन की पत्नी कैरल के नाम पर रखने की अनुमति मांगी है। कैरल का 2020 में कैंसर की वजह से निधन हो गया था। कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने जब ये प्रस्ताव रखा तो वाइसजैन की आंखों में आंसू आ गए जिसे देख सभी अंतरिक्ष यात्री भावुक हो गए। अंतरिक्ष यात्री विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टिना कोच ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि अनुमति मिलती है तो मिशन का सबसे यादगार पल होगा।सबसे अधिक दूरी का रिकॉर्डमिशन के क्रू ने पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड बनाया है। मिशन ने अपोलो 13 द्वारा साल 1970 में बनाए गए 2,48,655 मील की दूरी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। नासा के अनुसार ओरियन अंतरिक्ष यान पृथ्वी से करीब 406,771 किलोमीटर की अधिकतम दूरी तक पहुंचा है। ये मानव इतिहास में अब तक की सबसे लंबी दूरी है।लॉवेल की आवाज से जगे अंतरिक्ष यात्रीचंद्रमा की मिशन पर निकले चारों अंतरिक्ष यात्री अपोलो-13 के कमांडर रहे जिन लॉवेल की आवाज से जगे। पिछले साल अगस्त में मौत से पहले लॉवेल ने ये संदेश रिकॉर्ड किया था। इसमें उन्होंने कहा कि आप सभी का स्वागत है। आप ऐतिहासिक दिन के गवाह हैं, मुझे पता है आप सभी व्यस्त हैं लेकिन नजारा देखना न भूलें। पूर्व अंतरिक्ष वैज्ञानिक की आवाज सुन सभी वैज्ञानिक भावुक हो गए।रंग ला रही दशकों की मेहनतअंतरिक्ष वैज्ञानिक जैकब ब्लीचर का कहना है कि वैज्ञानिक और दूसरे लोग इस मिशन के लिए दशकों से काम कर रहे थे। टीम में शामिल बहुत से वैज्ञानिक ऐसे हैं जिनका जन्म 1960 में भेजे गए अपोलो मिशन के दौरान नहीं हुआ था, ऐसे सभी लोगों ने पुराने मिशन से बहुत कुछ सीखा। इसी का नतीजा रहा कि आर्टेमिस मिशन में हम सफल रहे। टीम के सभी सदस्य उत्साहित हैं और कुछ नया होने वाला है।दोहरे दबाव के बीच सफलताअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते थे कि उनका दूसरा कार्यकाल खत्म होने से पहले मिशन को अंजाम दिया जाए। हालांकि हाल ही में व्हाइट हाउस ने अंतरिक्ष एजेंसी के बजट में 23 फीसदी की कटौती कर दी। जानकारों का कहना है कि दोहरे दबाव के बावजूद नासा के वैज्ञानिकों ने कमाल किया है। नासा के प्रोग्राम साइंटिस्ट अमांदा नाहम का कहना है कि इस मिशन की सफलता से वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ा है।कंट्रोल रूम में गहमा- गहमी का माहौलआर्टेमिशस मिशन के लिए ह्यूस्टन में बना नासा के कंटोल रूम में गहमा- गहमी का माहौल है। कनाडाई अंतरिक्ष वैज्ञानिक जेनी गिबॉन्स ने बताया कि 50 साल से अधिक समय बाद चंद्रमा को हम करीब से देख रहे हैं। ये पल उत्साह से भरा है। मिशन से जुड़े हर व्यक्ति भावुक है। हर कोई एक दूसरे को गले लगाकर अपनी खुशी का इजहार कर रहा। इस पल को हर कोई जी लेना चाहता है।चंद्रमा के बाद मंगल पर होगा स्थायी ठिकाना: ट्रंपवाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार देर रात आर्टेमिस-2 मिशन के वैज्ञानिकों से बात की और सफलता की सराहना करते हुए कहा, वैज्ञानिक दुनिया के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा, आपने जहां कदम रखा है उससे पूरी दुनिया प्रेरणा लेगी।ट्रंप ने वैज्ञानिकों से बातचीत में कहा कि चंद्रमा की सतह पर अमेरिका की वापसी की राह तैयार हो गई है। अमेरिका का लक्ष्य चंद्रमा पर मौजूदगी को स्थायी करना है। इसके बाद मंगल पर नजर रहेगी। ट्रंप ने कहा कि हम एक बार फिर चंद्रमा की सतह पर अमेरिका का झंडा फहराएंगे, हम वहां कदम रखेंगे। इसके अलावा हम वहां अपनी मौजूदगी को मजबूत बरेंगे। उन्होंने कहा कि हम तारों के बीच नेतृत्व करेंगे। आज आप सभी ने अपने काम से इतिहास रच दिया है और पूरे अमेरिका को आप पर गर्व है। पृथ्वी से सबसे लंबी दूरी तय करने का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए भी वैज्ञानिकों को बधाई दी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका मजबूती के साथ दुनिया के सामने आया है। हम दुनिया के सबसे ताकतवर देश हैं।

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