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नई दिल्ली

नगालैंड सरकार ने की नगा मुद्दे का जल्द हल ढूंढने की अपील

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 09:00 PM
नगालैंड सरकार ने की नगा मुद्दे का जल्द हल ढूंढने की अपील

कोहिमा। एजेंसी

नगालैंड सरकार ने केंद्र सरकार और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (इसाक मुइवा गुट) एनएससीएन (आईएम) से अपने मतभेद दूर करने तथा लंबित नगा मुद्दे का यथाशीघ्र हल ढूंढने की अपील की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, पूर्व मुख्यमंत्री और एनपीएफ के विधायक दल के नेता टीआर जेलियांग और मंत्री नेइबा क्रोनू ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार के नए वार्ताकार एके मिश्रा तथा एनएससीएन (आईएम) के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

केंद्र और एनएससीएन (आईएम) के बीच 31 अक्तूबर 2019 को वार्ता पर विराम लग गया था। उस दौरान एनएससीएन (आईएम) ने दीमापुर में हुई वार्ता के बाद केंद्र के पिछले वार्ताकार आरएन रवि के साथ वार्ता जारी रखने से इंकार कर दिया था। उसके बाद इसी साल 20 सितंबर से वार्ता बहाल हुई है। नागालैंड सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि हमने दिल्ली में नगालैंड हाउस में एके मिश्रा के साथ बैठक की और एनएससीएन (आईएम) के मुख्य वार्ताकार टी मुइवा, उसके अध्यक्ष क्यू टुक्कू और उपाध्यक्ष टोंगमैट वांगनाओ समेत उसके प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। अधिकारी ने बताया कि रविवार को आयोजित हुई इन बैठकों के दौरान राज्य सरकार ने एके मिश्रा व एनएससीएन (आईएम) के प्रतिनिधियों से यथाशीघ्र हल ढूंढने के लिए और व्यावहारिक बनने की अपील की। बैठक में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि हमें हल ढूंढने के लिए अपने दिमाग और विवेक का इस्तेमाल करना होगा। अधिकारी के अनुसार नगालैंड के विधायकों ने एनएससीएन (आईएम) के नेताओं से कहा कि इस संगठन व केंद्र के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन यह हल ढूंढने के लिए मुद्दों को सुलझाने का वक्त है। अधिकारी ने कहा कि वार्ता प्रक्रिया में चीजों को सुगम बनाने वाले के रूप में राज्य सरकार, केंद्र एवं संगठन को पूरा सहयोग दे रही है।

गौरतलब है कि नगालैंड में 1947 में आजादी के शीघ्र बाद ही उग्रवाद ने सिर उठा लिया था। वहीं वर्ष 1997 में दशकों बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम समझौता हुआ था। जबकि 18 साल तक 80 से अधिक दौर की वार्ता के बाद केंद्र सरकार एवं एनएससीएन (आईएम) ने 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में प्रारूप समझौते पर हस्ताक्षर किये थे।

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