Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsMystery Surrounds Death of Rajasthan Religious Speaker Sadhvi Prem Baisa Suicide Note and Investigation
साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि दी गई, मौत पहेली बनी

साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि दी गई, मौत पहेली बनी

संक्षेप:

राजस्थान की धार्मिक वक्ता साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत हो गई। उन्हें समाधि दी गई, लेकिन उनकी मौत के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट जारी हुआ है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जबकि उनके भाई ने न्याय की मांग की है।

Jan 30, 2026 08:52 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बालोतरा/ जोधपुर (राजस्थान), एजेंसी। राजस्थान की चर्चित धार्मिक वक्ता और कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को उनके पैतृक गांव में संत परंपरा के अनुसार समाधि दी गई। उधर, उनकी मौत की गुत्थी उलझती नजर आ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद अचानक मौत और मौत के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया पर जारी कथित सुसाइड नोट से सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जबकि सोशल मीडिया पर कथित सुसाइड नोट को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। जोधपुर की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) छवि शर्मा ने बताया कि बुधवार (28 जनवरी) की शाम तबीयत बिगड़ने पर साध्वी प्रेम बाईसा (25 वर्ष) को उनके आश्रम से एक निजी अस्पताल ले जाया गया था।

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डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। बताया कि शुरुआती पूछताछ में पता चला कि प्रेम बाईसा दो दिन से बीमार थीं। बुधवार शाम को एक निजी कंपाउंडर को आश्रम में बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया था। इसके कुछ देर बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई थी। बताया कि मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वजह साफ हो सकेगी। मामले में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इस दौरान सोशल मीडिया पर जारी साध्वी के कथित सुसाइड नोट को लेकर एसीपी ने कहा कि हमारे पास इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है कि उनका अकाउंट कौन चला रहा था। इसकी जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पोस्ट में ‘अग्निपरीक्षा’ के जिक्र को लेकर उन्होंने कहा कि इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार देर शाम साध्वी प्रेम बाईसा के पार्थिव शरीर को बालोतरा स्थित उनके पैतृक गांव परेऊ लाया गया था। यहां उनके आश्रम ‘शिवशक्ति धाम’ में शुक्रवार को उन्हें समाधि दी गई। उनके निधन की सूचना पर बड़ी संख्या में साधु-संत और अनुयायी आश्रम में पहुंच गए थे। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट किया गया इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर जारी एक पोस्ट में साध्वी की ओर से लिखा गया, ‘सभी पूजनीय संतों को प्रणाम। मैंने सनातन के प्रचार के लिए हर पल जीया। मेरे जीवन में आदि जगद्गुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं और पूजनीय संतों ने मुझे हर पल आशीर्वाद दिया। मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को अग्नि परीक्षा का अनुरोध करते हुए एक पत्र लिखा था, लेकिन प्रकृति ने क्या स्वीकार किया? मैं इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह रही हूं। मुझे भगवान और पूजनीय संतों पर पूरा भरोसा है; मुझे न्याय मिलेगा, अगर मेरे जीवनकाल में नहीं तो मेरी मृत्यु के बाद।’ भाई ने साध्वी के लिए न्याय मांगा साध्वी प्रेम बाईसा के भाई ने उनके लिए न्याय की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘इस मुश्किल समय में हम सब साध्वी को न्याय दिलाने आए हैं। इसके लिए जो भी जरूरी होगा, हम वह करेंगे। हम बस न्याय चाहते हैं।’ उठ रहे यह सवाल -तबीयत खराब थी तो साध्वी को पहले ही अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? -साध्वी को निजी कंपाउंडर ने किस दवा का इंजेक्शन दिया? -साध्वी की मौत के चार घंटे बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किसने की? -क्या सुसाइड नोट खुद साध्वी ने ही शेड्यूल तय कर सोशल मीडिया पर डाला था? -सोशल मीडिया पोस्ट में ‘अग्नि परीक्षा’ की बात क्यों लिखी गई? जुलाई में वायरल हुआ था एक वीडियो जानकारी के अनुसार, साध्वी का एक वीडियो जुलाई 2025 में वायरल हुआ था। इसमें वह आश्रम के अपने कमरे में संत वेश में आए एक व्यक्ति के गले लगती नजर आ रही थीं। इसे लेकर विवाद बढ़ने पर साध्वी ने कहा था कि वह व्यक्ति उनके गुरु (जो उनके पिता भी हैं) थे। उनका कहना था कि उस वक्त अवसाद में थीं और उनके गुरु/ पिता उन्हें दिलासा दे रहे थे। उन्होंने यह भी कहा था कि आश्रम से यह वीडियो लीक करने वालों ने उनसे 20 लाख की मांग की थी। आश्रम के ही तीन कर्मियों पर आरोप लगाए थे। बताया जाता है कि इसी दौरान उन्होंने खुद को निरपराध साबित करने के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ देने की बात कही थी। हालांकि, अब उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में भी ‘अग्निपरीक्षा’ के जिक्र से सवाल उठ रहे हैं।