
म्यांमार : सेना समर्थित पार्टी ने चुनाव में जीत हासिल की
- विपक्षी दलों को चुनाव से बाहर रखा गया था बैंकॉक, एजेंसी।
विपक्षी दलों को चुनाव से बाहर रखा गया था बैंकॉक, एजेंसी। म्यांमार की सेना समर्थित 'यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी' ने सोमवार को दावा किया है कि चुनाव में उसने जीत हासिल की है, जिससे देश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। 2021 में सेना के सत्ता हथियाने के बाद देश में हुए पहले चुनाव में सेना समर्थित पार्टी ने जीत दर्ज की है। एक पूर्व जनरल के नेतृत्व वाली इस पार्टी की जीत की व्यापक रूप से उम्मीद थी, क्योंकि चुनाव में प्रमुख विपक्षी दलों को बाहर रखा गया था और असहमति को सख्ती से प्रतिबंधित किया गया था।
संसद की 25 प्रतिशत सीट स्वतः ही सेना के लिए आरक्षित थीं, जिससे सशस्त्र बलों और उनके पसंदीदा दलों का नियंत्रण प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो गया। आलोचकों का कहना है कि सैन्य सरकार द्वारा आयोजित चुनाव न तो स्वतंत्र थे और न ही निष्पक्ष, बल्कि आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार से सत्ता छीनने के बाद सैन्य शासन को वैधता प्रदान करने का एक प्रयास था। इस तख्तापलट ने व्यापक विरोध को जन्म दिया, जिसने म्यांमार को गृहयुद्ध में धकेल दिया। चुनाव तीन चरणों में 28 दिसंबर, 11 जनवरी और 25 जनवरी को हुए। देश के कुल 330 नगरों में से 67 में से अधिकतर सशस्त्र विरोधी समूहों के नियंत्रण वाले क्षेत्र थे और यहां मतदान नहीं हुआ, जिससे 664 सदस्यीय राष्ट्रीय संसद में सीट की मूल संख्या घटकर 586 रह गई।

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