कच्चे तेल के दाम में नरमी से सेंसेक्स चढ़ा
मुंबई शेयर बाजार ने सोमवार को शुरुआती गिरावट के बाद लगातार तीसरे दिन बढ़त हासिल की। बीएसई सेंसेक्स 787 अंक चढ़कर 74,106.85 पर बंद हुआ। वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को समर्थन मिला। हालाँकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.13% की गिरावट आई।

मुंबई, एजेंसी। स्थानीय शेयर बाजार सोमवार को शुरुआती गिरावट से उबरते हुए लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त में रहे। बीएसई सेंसेक्स 787 अंक चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी 23,000 अंक के करीब पहुंच गया। पश्चिम एशिया में युद्धविराम के प्रयासों की रिपोर्ट के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार बढ़त में रहा। कारोबारियों के अनुसार, बैंक और आईटी शेयरों में अच्छी लिवाली और रुपये में मजबूती से भी निवेशकों की धारणा को समर्थन मिला। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 787.30 अंक बढ़कर 74,106.85 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 887.91 अंक चढ़कर 74,207.46 अंक पर पहुंच गया था।
बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में से 3,207 लाभ में रहे, जबकि 1,147 में गिरावट दर्ज की गयी। वहीं 190 के भाव अपरिवर्तित रहे। निफ्टी 255.15 अंक बढ़कर 22,968.25 अंक पर बंद हुआ।जानकारों ने कहा, पश्चिम एशिया में संभावित युद्धविराम की खबरों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में सुधार के साथ वैश्विक जोखिम धारणा में भी सुधार हुआ। सभी क्षेत्रों में निचले स्तर पर लिवाली से बाजार को समर्थन मिला। युद्धविराम के प्रयासों की खबरों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई जिसका बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। हालांकि मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका और वैश्विक व्यापार में संभावित बाधाओं की चिंताओं के कारण जोखिम लेने की प्रवृत्ति अभी भी सतर्क बनी हुई है। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए। हांगकांग और शंघाई अवकाश के कारण बंद रहे।रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बड़ी गिरावटरिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सोमवार को बड़ी गिरावट आई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर इसके शेयर 4.13% तक टूटकर 1,295 के स्तर पर आ गए। रिलायंस के शेयरों में इस गिरावट की वजह से इसका बाजार पूंजीकरण 18 लाख करोड़ रुपये से कम होकर 17.65 लाख करोड़ रुपये हो गया है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध की आहट ने कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। रिलायंस एक बड़ा रिफाइनिंग हब ऑपरेट करता है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर मुनाफे को प्रभावित करता है। पिछले दो हफ्तों में कंपनी का शेयर 8% से ज्यादा टूट चुका है।
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