
मलिक के परिवार पर आरोप तय करने के लिए सबूत काफी : अदालत
संक्षेप: - पीएमएलए मामला : नवाब मलिक के परिवार की फर्म की आरोपमुक्ति याचिका
मुंबई की एक विशेष अदालत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता नवाब मलिक के परिवार द्वारा संचालित रियल एस्टेट कंपनी को धनशोधन मामले में आरोप मुक्त करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि परिवार पर आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड में पर्याप्त सबूत मौजूद है। मलिक और उनके परिवार 'सॉलिडस इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड' एवं 'मलिक इन्फ्रास्ट्रक्चर' का संचालन करते हैं। भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़े धन शोधन मामले में इन कंपनियों का नाम भी है। 'मलिक इन्फ्रास्ट्रक्चर' ने मामले से बरी करने की मांग करते हुए दावा किया था कि उसके खिलाफ ईडी का मामला अनुमानों और अटकलों पर आधारित है।

विशेष जज सत्यनारायण नवंदर ने 11 नवंबर को याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि नवाब मलिक ने डी-कंपनी के सदस्यों हसीना पारकर, सलीम पटेल और आरोपी सरदार खान के साथ मिलकर अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्ति के धनशोधन में हिस्सा लिया। यह संपत्ति अपराध से अर्जित आय है। आदेश का विवरण गुरुवार को उपलब्ध कराया गया और इसमें कहा गया है कि संपत्ति को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कुर्क किया गया है। मलिक के खिलाफ ईडी का मामला एनआईए द्वारा इब्राहिम और उसके सहयोगियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। ईडी ने मलिक को फरवरी 2022 में गिरफ्तार किया था।

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