
पृथ्वी की हवा को चुपचाप समेट रहा है चांद
चाँद पिछले अरबों सालों से धरती से निकलने वाली ऑक्सीजन और नाइट्रोजन जैसी गैसों को अपनी मिट्टी में इकट्ठा कर रहा है। रोचेस्टर विश्वविद्यालय की रिसर्च के अनुसार, ये गैसें भविष्य में इंसानों या लूनर मिशन के लिए उपयोगी हो सकती हैं। वैज्ञानिक इन कणों से धरती के वायुमंडल के बारे में जान सकते हैं।
ऑक्सीजन-नाइट्रोजन जैसी गैसों को मिट्टी में इकट्ठा कर रहा है चांद ये गैसें भविष्य में इंसानों या लूनर मिशन के लिए काम आ सकती हैं न्यूयॉर्क, एजेंसी। धरती की हवा धीरे-धीरे अंतरिक्ष में लीक हो रही है, लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा गायब होने के बजाय चांद पर जमा हो रहा है। न्यूयॉर्क स्थित रोचेस्टर विश्वविद्यालय की एक नई रिसर्च के अनुसार, चांद पिछले अरबों सालों से चुपचाप धरती से निकलने वाली ऑक्सीजन और नाइट्रोजन जैसी गैसों को अपनी मिट्टी में इकट्ठा कर रहा है। दरअसल, धरती के वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में सूरज की रोशनी हवा के कणों को ‘चार्ज्ड’ कर देती है।
जब हर महीने चांद धरती की चुंबकीय पूंछ से होकर गुजरता है, तो धरती का चुंबकीय क्षेत्र इन कणों को एक रास्ते के जरिए सीधे चांद की ओर धकेल देता है। चूंकि चांद पर कोई वायुमंडल नहीं है, इसलिए ये कण सीधे उसकी धूल भरी सतह से टकराते हैं और वहां की मिट्टी में फंस जाते हैं। वैज्ञानिक इन कणों की जांच करके यह जान सकते हैं कि करोड़ों साल पहले धरती का वातावरण कैसा था और यहां जीवन की शुरुआत कैसे हुई। चांद पर जमा यह ऑक्सीजन और नाइट्रोजन भविष्य में वहां बसने वाले इंसानों या लूनर मिशन के लिए काम आ सकती है। रिसर्च टीम ने अपोलो 14 और 17 मिशन के दौरान चांद से लाए गए पत्थरों और मिट्टी के सैंपल की जांच की। इनमें मौजूद नाइट्रोजन और ऑक्सीजन सूरज से आने वाली हवाओं से अलग हैं और धरती की हवा से मेल खाते हैं।

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