राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के साथ पश्चिम बंगाल सरकार का व्यवहार शर्मनाक- मोदी
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के साथ पश्चिम बंगाल सरकार का व्यवहार शर्मनाक- मोदी---------------------------------राष्ट्रपति ने भी मुख्यमंत्री या मंत्री के न आने पर जताई निराशा-ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के...

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के साथ पश्चिम बंगाल सरकार का व्यवहार शर्मनाक- मोदी ---------------------------------राष्ट्रपति ने भी मुख्यमंत्री या मंत्री के न आने पर जताई निराशा-ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान आने पर उठाए सवाल-संसद में सोमवार को गूंज सकता है मुद्दा, चुनाव में भी गरमाएगा--------------------------------नईदिल्ली। विशेष संवाददाताराष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे में पश्चिम बंगाल के सरकार के द्वारा प्रोटोकाल का पालन न किए जाने को राष्ट्रपति का अपमान करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शर्मनाक करार दिया है। खुद राष्ट्रपति ने भी ममता बनर्जी के रवैये पर निराशा जताई है, वहीं ममता बनर्जी ने इसे चुनाव से जोड़ते हुए राष्ट्रपति पर ही सवाल उठाए हैं।
पश्चिम बंगाल चुनावों में यह मुद्दा गरमा गया है और सोमवार को संसद में इस मुद्दे की गूंज हो सकती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन से संबंधित घटनाक्रम पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे राष्ट्रपति का अपमान हुआ है और इसके लिए राज्य की सरकार जिम्मेदार है। मोदी ने कहा कि यह घटना शर्मनाक तथा अभूतपूर्व है और जो भी लोकतंत्र तथा आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करते हैं वे सभी इससे आहत हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी, जो स्वयं एक आदिवासी समुदाय से आती हैं, द्वारा व्यक्त किए गए दर्द और पीड़ा ने भारत के लोगों के मन में गहरा दुःख पैदा किया है।मोदी ने इस घटनाक्रम को राष्ट्रपति का अपमान बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सचमुच सभी सीमाएँ पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि यह भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा इतने हल्के में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इस पद की गरिमा का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। आशा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी में बेहतर समझ प्रबल होगी।दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में आदिवासियों के विकास की गति पर सवाल उठाने के लिए शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर निशाना साधा और उन पर भाजपा के इशारों पर विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में राज्य प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बारे में उन्हें दी गई जानकारी गलत थी। बनर्जी ने कहा कि चुनाव से पहले ऐसे कार्यक्रमों में हमेशा शामिल होना उनके लिए संभव नहीं होता। उन्होंने कहा अगर आप साल में एक बार आती हैं तो मैं आपका स्वागत कर सकती हूं, लेकिन अगर आप चुनाव के दौरान आती हैं, तो मेरे लिए आपके कार्यक्रमों में शामिल होना संभव नहीं होगा क्योंकि मैं लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रही हूं।इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन बताया और हैरानी जताई कि क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री किसी बात को लेकर नाराज हैं, क्योंकि उत्तर बंगाल दौरे के दौरान उनका स्वागत करने के लिए न तो मुख्यमंत्री आईं और न ही कोई अन्य मंत्री मौजूद था। मुर्मू सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर में आदिवासियों की एक सभा को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल को बिधाननगर से गोशाईपुर स्थानांतरित किए जाने पर भी सवाल उठाया, जहां कथित तौर पर उपस्थिति कम रही।मुर्मु ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि यहां पर्याप्त स्थान होने के बावजूद सम्मेलन के आयोजन की मंजूरी नहीं दी गयी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि यह मंजूरी क्यों नहीं दी गयी। लोगों को सम्मेलन में आने से रोकने की घटनाएं किसी अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के लिए उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि कुछ लोग नहीं चाहते कि संथाल समुदाय एकजुट हो, प्रगति करे और मजबूत हो। गौरतलब है कि मुर्मू को आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जो मूल रूप से सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित होने वाला था। अधिकारियों ने हालांकि, सुरक्षा और अन्य व्यवस्था संबंधी कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशाईपुर में स्थानांतरित कर दिया। शनिवार दोपहर जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो वहां केवल कुछ ही लोग मौजूद थे. सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब ही एकमात्र प्रतिनिधि थे,जो हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए उपस्थित थे.-----------------------
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


