इजरायल दौरा: मुंबई और हमास हमले को हम भूले नहीं हैं: मोदी

Feb 25, 2026 11:52 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत हमास के हमले की निंदा करता है और गाजा शांति योजना का समर्थन करता है। मोदी ने भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करने का भी आश्वासन दिया।

इजरायल दौरा: मुंबई और हमास हमले को हम भूले नहीं हैं: मोदी

तेल अवीव, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद जहां भी हो उससे हर जगह की शांति को खतरा है। दो दिवसीय इजरायल दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करते ये बात कही। उन्होंने कहा कि हम मुंबई और हमास आतंकी हमले को भूले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत गाजा शांति योजना का पक्षधर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेसेट को संबोधित करते हुए कहा कि इजरायल की तरह भारत भी आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है और दो मानदंडो पर विश्वास नहीं करता। सात अक्तूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग इस हमले में मारे गए उसके प्रति मेरी गहरी संवेदना है।

उन्होंने कहा कि हम आपकी पीड़ा को समझते हैं। भारत इस समय और भविष्य में भी पूरे दृढ़ विश्वास के साथ इजरायल के साथ खड़ा है। किसी भी चीज से गलती को सही नहीं ठहराया जा सकता। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत भी आतंकवाद के दर्द को लंबे समय से झेल रहा। मुंबई में हुए 26/11 हमले को हम भुले नहीं है, इस हमले में निर्दोष लोग मारे गए जिसमें इजरायली नागरिक भी शामिल थे। हम भी इजरायल की तरह आतंकवाद को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करते हैं और इसके प्रति दोहरे मानदंड में विश्वास नहीं करते। दुनिया की एकजुटता जरूरी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आंतकवाद का लक्ष्य समाज को अस्थिर करना होता है, विकास को बाधित करना होता है, विश्वास को तोड़ना होता है। आतंक के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक सहाभागिता बहुत जरूरी है। इसके खिलाफ पूरी दुनिया का एकसाथ समन्वय जरूरी है क्योंकि ये अगर रहेगा तो हर जगह की शांति बहाल हो सकती है। यही कारण है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ हर कार्रवाई के साथ खड़ा रहता है। इसी के साथ क्षेत्रीय स्थिरता और शांति को प्राथमिकता देता है। भारत शांति की हर कोशिश के साथ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा सुझाए गए गाजा शांति समझौते के साथ है। भारत इस कोशिश के साथ खड़ा है। हम चाहते हैं कि हर जगह शांति, स्थिरता और संपन्नता हो। उन्होंने कहा कि हमारी सभी कोशिश ज्ञान, साहस और मानवता के बिंदु पर होनी चाहिए। शांति की डगर आसान नहीं होती लेकिन भारत इजरायल के साथ पूरी दुनिया के साथ चर्चा को तैयार है। इस दिशा में हर संभव कोशिश भी की है और आगे भी करते रहेंगे। नेतन्याहू ने गले लगा स्वागत किया इजरायली संसद को पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। मालूम हो इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी 2017 में इजरायल दौरे पर गए थे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने प्रधानमंत्री का बेन गुरियन एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत- इजरायल संबंध बेहद अहम हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का रेड काररपेट पर गले लगाकर स्वागत किया। ............... भारत- इजरायल पहले से अधिक मजबूत: नेतन्याहू - कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ होगा आयरन अलायंस का गठन - जिहादियों ने हमको तोड़ना चाहा, हम उनको तोड़ रहे, तोड़ देंगे - मध्य युग की अंधकारमय बर्बरता को हम खत्म करना चाहते हैं तेल अवीव, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले इजरायली संसद को संबोधित करते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कट्टरपंथी इस्लामिक विचारधारा के खिलाफ भारत के साथ मिलकर मजबूत ‘आयरन अलायंस’ के गठन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इजरायल पहले से और मजबूत हुआ है भारत भी अत्यधिक शक्तिशाली हुआ है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सात अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद भारत के सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि निर्मम तरीके से इजरायली लोगों की हत्या के मामले में भारत का रूख स्पष्ट रहा। हम उसके व्यवहार को कभी नहीं भुला सकते। उन्होंने कहा कि हमास के खिलाफ जंग मानवता, रक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए शुरू हुई। उन्होंने कहा कि भारत ने हर स्थिति में इजरायल का समर्थन किया क्योंकि हमारे साथ जो बर्बरता हुई उसे वो समझता है। सात अक्तूबर को हुए नरसंहार से ये स्पष्ट हो गया कि जिहादी हमें तोड़ देंगे या हम उन्हें तोड़ देंगे, हम उनको तोड़ रहे हैं और तोड़ देंगे। नेतन्याहू ने कहा कि कट्टरपंथी विचारधारा मानवता के लिए खतरा है। इससे निपटने के लिए हमने आयरन अलायंस का गठन होगा जिसका जोर आधुनिकता, विकास, मानवता का सम्मान और आपसी संबंधों को मजबूत बनाने पर होगा। ये संगठन उन देशों का गठबंधन होगा जो जीवन को पवित्र मानता है उन लोगों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं जो मौत को पवित्र मानते हैं। हम मध्य युग की अंधकारमय बर्बरता को खत्म करना चाहते हैं। ………… मोदी से मिले विपक्ष के नेता नेसेट में विपक्ष के नेता येर लेपिड ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण का विरोध किया। इसके बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे और उनसे हाथ मिलाते हुए उनका सदन में स्वागत किया। लेपिड ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि उनके विरोध और सदन से वॉकआउट का आपसे संबंध नहीं है। इसपर प्रधानमंत्री ने कहा कि कोशिश करें कि स्थिति संतुलित बनी रहे। लेपिड ने कहा कि पूरी संसद आपके नेतृत्व और इजरायल से दोस्ती की कायल है। आप संकट में हमारे साथ खड़े रहे हैं। आपका स्वागत से हम खुश हैं। .............. कोट... प्रधानमंत्री नेतन्याहू से द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई है। दोनों देश कई क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को मजबूत बनाने पर काम करेंगे। नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री मेरे प्रिय दोस्त का इजरायल में स्वागत है। दो देशों और दो मित्रों के माध्यम से भारत- इजरायल संबंधों को नई ताकत मिलेगी। बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजरायल ..............

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