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भारत साइबर हमले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल

भारत साइबर हमले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल

संक्षेप:

माइक्रोसॉफ्ट की डिजिटल डिफेंस रिपोर्ट के अनुसार, मार्च से मई 2025 के बीच भारत में 44,197 विंडोज डिवाइस मैलवेयर हमलों का शिकार हुए। भारत ने रूस, ब्राजील और अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए सबसे अधिक हमले...

Oct 24, 2025 04:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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माइक्रोसॉफ्ट की डिजिटल डिफेंस रिपोर्ट से खुलासा मार्च से मई 2025 के बीच 44 हजार से विंडोज डिवाइस पर मैलवेयर का हमला हो चुका है मैलवेयर हमले में भारत रूस, ब्राजील और अमेरिका से भी आगे लुम्मा स्टीलर मैलवेयर से सबसे ज्यादा हमले हुए चीन, ईरान से सबसे ज्यादा हमले हो रहे नई दिल्ली, एजेंसी। भारत साइबर हमले के मामलों में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है। माइक्रोसॉफ्ट की ओर से जारी डिजिटल डिफेंस रिपोर्ट 2025 के अनुसार भारत, खतरनाक मैलवेयर स्ट्रेन से सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया है जबकि वैश्विक साइबर खतरे के मामले में 8वें स्थान पर है।

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रिपोर्ट में बताया गया है कि 16 मार्च से 16 मई 2025 के बीच लुम्मा स्टीलर मैलवेयर से भारत में 44197 विंडोज डिवाइस संक्रमित हुए। यह दुनिया में सबसे ज्यादा है। इसके बाद रूस,ब्राजील और अमेरिका का नंबर है। इस रिपोर्ट में दुनियाभर से रोजाना 100 ट्रिलियन से ज्यादा सिक्योरिटी सिग्नल की समीक्षा की गई है। इस साल सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में रहा भारत रिपोर्ट के अनुसार इस साल जनवरी-जून 2025 के दौरान साइबर खतरों से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में भारत आठवें नंबर पर रहा। दुनियाभर में हुए कुल घटनाओं का 2.3 फीसदी हिस्सा भारत का रहा। यूनाइटेड स्टेट्स 24.8% घटनाओं के साथ लिस्ट में सबसे शीर्ष पर और यूके 5.6 फीसदी घटनाओं के साथ दूसरे स्थान पर रहा। रिपोर्ट में कहा गया है, दुनियाभर के यूजर्स खतरे में हैं। भारत टॉप दस प्रभावित देशों में है। लुम्मा स्टीलर मैलवेयर सबसे खतरनाक लुम्मा स्टीलर सबसे खतरनाक मैलवेयर है। यह सस्ता, फीचर से भरपूर और लगातार अपडेट होता रहता है। मैलवेयर पासवर्ड चोरी करने, सेशन हाईजैक करने और क्रिप्टो वॉलेट खाली करने में माहिर है। माइक्रोसॉफ्ट के नतीजों के मुताबिक, भारत इस स्ट्रेन के लिए खास तौर पर कमजोर था। इस मैलवेयर ने चीन , वियतनाम, और इंडोनेशिया सहित एशिया के कई देशों पर असर डाला। पहचान चोरी के हमले तेजी से बढ़े भारत और बाकी एशिया-पैसिफिक देशों में पहचान चोरी वाले साइबर हमले 2025 के पहले 6 महीनों में पूरे 32% बढ़ गए। यानी हैकर्स अब यूजर का लॉगिन, पासवर्ड या पहचान चुराकर अंदर घुस रहे हैं। ये हमले इसलिए बढ़े क्योंकि हैकर्स एआई की मदद से सच्चे लगने वाले झांसे (जैसे फर्जी ईमेल, मैसेज) बना रहे हैं। इससे पकड़ना और रोकना मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक रिसर्च और कॉलेज-यूनिवर्सिटी वाले क्षेत्र को निशाना बनाया जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट ने जितने भी पहचान चोरी के मामले देखे, उनमें से 39% इसी सेक्टर में हुए। चीन, ईरान, नॉथ कोरिया से हमले भारत में चीन, ईरान और नॉर्थ कोरिया से साइबर हमले हो रहे हैं। रिपोर्ट में भारत के लिए उभरते खतरों में नॉर्थ कोरियन रिमोट वर्कर्स के संपर्क में आने की बात कही गई है। नॉर्थ कोरिया के थ्रेट एक्टर्स के टारगेटेड टॉप दस इलाकों में भारत भी शामिल है। चीन और ईरान से भी कुल हमलों का 2 फीसदी भारत में किया जा रहा है। बचने के लिए ये सुझाव माइक्रोसॉफ्ट ने दिए हैं -फिशिंग-रेजिस्टेंट मल्टीफैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू करें, इससे अनऑथराइज्ड एक्सेस को 99% रोकने में सफलता मिलेगी - सिस्टम को रेगुलर अपडेट करना -फर्जी लिंक से सावधान रहें -यूजर्स को धोखा देने वाले डाउनलोड के बारे में जानकारी देना पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर को जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और सेंसिटिव डाटा को साइबर खतरों से बचाने के लिए मजबूत डिफेंस सिस्टम बनाना चाहिए। मार्च से मई तक यहां हुए सबसे अधिक मैलवेयर हमले देश कितने हमले भारत 44197 रूस 40868 ब्राजील 21137 यूएस 15647 इंडोनेशिया 14681 पाकिस्तान 14616 इजिप्ट 12277 स्पेन 10598 अर्जेंटीना 10486 मेक्सिको 9634