संघर्ष केवल बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि मन में भी चलता है : उपराष्ट्रपति

Apr 05, 2026 05:13 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि ध्यान शांति, स्पष्टता और सकारात्मक दृष्टिकोण प्राप्त करने में मदद करता है। उन्होंने बताया कि ध्यान तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक लचीलेपन में सहायक है। उन्होंने ध्यान को आंतरिक ज्ञान का साधन बताया, जो मानवता की चुनौतियों से निपटने में सहायता कर सकता है।

संघर्ष केवल बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि मन में भी चलता है : उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली, एजेंसी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि ध्यान से शांति, स्पष्टता और सकारात्मक दृष्टिकोण प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। साथ ही कहा कि संघर्ष केवल बाहरी दुनिया में नहीं चलता है, बल्कि यह व्यक्ति के मन में भी होता है। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि ध्यान की वास्तविक शक्ति इंसान को बदलने में निहित है। उन्होंने कहा कि ध्यान तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने एवं भावनात्मक लचीलेपन को बढ़ाने में तथा अत्यधिक सोचने एवं अत्यधिक काम करने जैसी समस्याओं के समाधान में मदद करता है। उपराष्ट्रपति ने यहां ध्यान पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है।

एक सरकारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि ध्यान शांति, स्पष्टता और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करके तथा दूसरों को सुनने और समझने की क्षमता को बढ़ावा देकर एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है। तमिल संत तिरुमूलर की शिक्षाओं को याद करते हुए राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि ध्यान एक आंतरिक दीपक जलाने के समान है, जो अज्ञान को दूर करता है और सत्य एवं शांति की ओर ले जाता है। उन्होंने बताया कि तिरुमूलर ने मानव शरीर को मंदिर और ध्यान को भीतर के दैवीय स्वरूप को जानने का साधन बताया था।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।