देशभर के सात मेडिकल कॉलेज नहीं दे रहे छात्रवृत्ति
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 7 मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों को छात्रवृति नहीं दी जा रही है। आयोग ने कहा कि कार्रवाई की जा रही है। एनएमसी ने अदालत को यह जानकारी दी कि कुल 756 अंडरग्रेजुएट चिकित्सा महाविद्यालयों में से 573 में डॉक्टरों को छात्रवृति दी जा रही है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देशभर में सिर्फ 7 मेडिकल कॉलेज प्रशिक्षु डॉक्टरों (जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट) को छात्रवृति के भुगतान नहीं कर रहे। आयोग ने शीर्ष अदालतों को बताया कि इन मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की जा रही है। जस्टिस अरविंद कुमार और पी.बी. वराले की पीठ के समक्ष आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव शर्मा ने डॉ. अभिषेक यादव व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। याचिका में मेडिकल कॉलेजों द्वारा प्रशिक्षु डॉक्टरों को छात्रवृति नहीं देने का आरोप लगाया गया था। पीठ के समक्ष आयोग ने एक चार्ट पेश किया, जिसमें कहा गया कि देशभर में कुल 756 अंडरग्रेजुएट चिकित्सा महाविद्यालयों में 573 में प्रशिक्षु डॉक्टरों को छात्रवृति का भुगतान किया जा रह है।
वरिष्ठ अधिवक्ता शर्मा ने पीठ से कहा कि महज 7 मेडिकल कॉलेज ऐसे हैं जो डॉक्टरों को छात्रवृति नहीं दे रहे हैं और इन कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि एक मेडिकल कॉलेज पूरी तरह से बंद है। एनएमसी के बयानों को दर्ज करते हुए, शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त तय कर दी है।
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