भोजशाला में साप्ताहिक सत्याग्रह महाविजय उत्सव में बदला
धार (मध्य प्रदेश) में भोजशाला मंदिर में हर मंगलवार सत्याग्रह का आयोजन होता था, लेकिन इस बार महाविजय महोत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं ने मांग की कि देवी वाग्देवी की मूल प्रतिमा लंदन से वापस लाकर भोजशाला में स्थापित की जाए। महोत्सव में प्रार्थना, अखंड ज्योति की स्थापना और आतिशबाजी का आयोजन हुआ।

धार (मध्य प्रदेश), एजेंसी। भोजशाला मंदिर में पूजा-अर्चना की मांग के लिए हर सप्ताह होने वाला सत्याग्रह मंगलवार को महाविजय महोत्सव में बदल गया। हिन्दू समूहों के आयोजन में धार समेत कई स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भोज उत्सव समिति के सदस्य गोपाल शर्मा ने कहा कि भोजशाला में हर मंगलवार को सत्याग्रह का आयोजन होता रहा है। इस बार महाविजय महोत्सव मनाया गया, जिसकी शुरुआत मां वाग्देवी (देवी सरस्वती) की प्रार्थना और अखंड ज्योति की स्थापना से हुई। समिति सदस्यों ने बताया कि महोत्सव के तहत शाम को आतिशबाजी भी की गई। श्रद्धालुओं ने मांग उठाई कि लंदन से देवी वाग्देवी मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा लंदन से वापस लाकर भोजशला में स्थापित की जाए।इससे
पूर्व रविवार को हिन्दू समूहों ने परिसर में देवी की प्रतिमा की एक प्रतिकृति स्थापित की थी और पूरे दिन पूजा-पाठ और अनुष्ठान किए थे। एएसआई ने शनिवार को पूजा-अर्चना के लिए स्मारक तक जाने की अनुमति दे दी थी।
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