मार्च साल का सबसे गर्म महीना
दुनियाभर में पृथ्वी और महासागरों के तापमान में वृद्धि के कारण मार्च सबसे अधिक गर्म महीना रहा। यूरोप की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक समुद्री तापमान 20.97 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। अल नीनो के प्रभाव से मौसम में और बदलाव संभव है।

दुनियाभर में पृथ्वी और महासागरों के तापमान में तेजी के चलते मार्च सबसे अधिक गर्म रहा है। वहीं दुनियाभर में मार्च चौथा सबसे गर्म महीना रहा है। यूरोप की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के दिनों में गर्मी का रूप तेजी से बदला है। अनुमान है कि अल नीनो के चलते मौसम का अंदाज आने वाले समय में भी बिगड़ा रह सकता है। यूरोप में मार्च दूसरी बार सबसे गर्म रहा है। फरवरी में बारिश और सर्दी ने भी मौसमी गतिविधियों को बदला है। गर्म हो रहे महासागरमहासागर दुनियाभर में पैदा होने वाले ग्रीन हाउस गैसों को सोखते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक समुद्री तापमान बढ़कर 20.97 डिग्री सेल्सियस हो गया। अल नीनो के चलते वर्ष 2024 का मार्च महासागरों के लिए सबसे गर्म था। अनुमान है कि अल नीनो के प्रभाव के चलते आने वाले समय में स्थिति बदल सकती है।क्या है अल नीनोअल नीनो एक जलवायु घटना है। प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों का समुद्री जल सामान्य से अधिक गर्म की स्थिति को अल नीनो कहते हैं। इस तापमान में तेजी के कारण वायुमंडलीय दबाव और हवा के रूख में बदलाव आता है जिससे दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है।
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