अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ी तो सरकार जिम्मेदार : मनोज जरांगे
- बोले, भीषण गर्मी में न पानी लूंगा और न खाना खाऊंगा - सरकार या

जालना। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने गुरुवार को कहा कि यदि भीषण गर्मी में अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ती है या कोई अनहोनी होती है। तो इसके लिए महाराष्ट्र सरकार जिम्मेदार होगी।जरांगे ने पहले घोषणा की थी कि मराठा समुदाय की मांगें पूरी नहीं होने के विरोध में वह 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने सरकार को मराठवाड़ा क्षेत्र में कुनबी जाति प्रमाणपत्र वितरित करने के लिए 29 मई तक का समय दिया था। जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में पत्रकारों से बातचीत में जरांगे ने कहा, मैंने बातचीत के लिए काफी समय दिया।
अब कड़ा रुख अपनाने का समय आ गया है। अगर लू लगने या गर्मी से मेरी मौत होती है, तो मुख्यमंत्री और सरकार इसके जिम्मेदार होंगे।उन्होंने कहा कि इस बार उनका आंदोलन देश में पहले हुए किसी भी प्रदर्शन से अलग होगा। इस बार मैं किसी टेंट या छांव के नीचे नहीं बैठूंगा। न पानी लूंगा, न खाना खाऊंगा और न ही चप्पल पहनूंगा। ऐसे में सरकार फैसला करेगी या फिर मैं खत्म हो जाऊंगा।
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