मणि शंकर अय्यर के बयान पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने दूरी बनाई
-पूर्व केंद्रीय ने केरल में एलडीएफ सरकार की वापसी का दावा किया -कांग्रेस महासचिव

तिरुवनंतपुरम, एजेंसी। पूर्व केंद्रीय मंत्री मणि शंकर अय्यर ने कहा है कि द्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इंडिया गठबंधन को मजबूत और एकजुट करने के लिए सबसे उपयुक्त नेता हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि केरल में एलडीएफ सरकार की वापसी तय है। अय्यर के इन बयानों से सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे दूरी बना ली है। अय्यर ने कहा कि स्टालिन नारेबाजी की बजाय संघवाद जैसे ठोस मुद्दे उठाते हैं। वे राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने में बाधा नहीं बनेंगे। उन्होंने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के कामराज का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कामराज ने सत्ता की बजाय संगठन को प्राथमिकता दी थी, वैसे ही स्टालिन भी गठबंधन को मजबूत करने की भूमिका निभा सकते हैं।
मेरी टिप्पणी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मणि शंकर अय्यर ने कहा है कि केरल के मुख्यमंत्री को लेकर उनकी टिप्पणी को मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। अय्यर ने कहा कि उनके भाषण की सिर्फ आधी लाइन को लेकर विवाद खड़ा कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान संदर्भ से हटाकर दिखाया गया है। रविवार को विजन 2031 डेवलपमेंट एंड डेमोक्रेसी विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में अय्यर ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन आगे भी पद पर बने रहेंगे। अय्यर ने कहा कि उन्होंने यह टिप्पणी योजना बोर्ड की प्रधान सचिव मैरी जोसेफ के भाषण के बाद की थी। केरल की राजनीति पर बोलते हुए अय्यर ने कहा कि एक कांग्रेसी होने के नाते वे यूडीएफ की जीत चाहते हैं। लेकिन गांधीवादी होने के नाते सच कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ फिर सत्ता में आएगा। उन्होंने कहा कि केरल की जनता समझदार है और राज्य सरकार ने पंचायत राज, गरीबी उन्मूलन और विकास के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। अय्यर का दावा पार्टी से अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही बाहर कर सकते हैं... अय्यर ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा को तोता और कठपुतली बताया और कहा कि पार्टी में अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अब भी कांग्रेस के सदस्य हैं और उन्हें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही बाहर कर सकते हैं। इसके अलावा, अय्यर ने स्टालिन और पूर्व कांग्रेस प्रमुख के कामराज के बीच एक ऐतिहासिक समानता बताई, जिन्होंने जवाहरलाल नेहरू के बाद प्रधानमंत्री पद से इनकार कर दिया था। कांग्रेस ने अय्यर का बयान निजी बताया:: अय्यर के बयान पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है और वे फिलहाल पार्टी में नहीं हैं। कांग्रेस सांसद जेबी मैथर और अन्य नेताओं ने भी अय्यर के बयान से असहमति जताई और दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की सरकार बनेगी। अय्यर ने हालांकि अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि एलडीएफ सरकार का काम उत्कृष्ट रहा है और वे अपनी बात से पीछे नहीं हटेंगे। उधर, अय्यर पर हमला करते हुए, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चेन्निथला ने भी कहा, एआईसीसी ने साफ कर दिया है कि वह अब कांग्रेस में नहीं हैं। वह कुछ भी कह सकते हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के मेंबर ने कहा कि केरल सरकार पर उनकी बातें गलत थीं। अय्यर की यह बात कांग्रेस लीडरशिप की कड़ी आलोचना के एक दिन बाद आई हैं।
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