चुनाव हिंसा मामले में दलील देने हाईकोर्ट पहुंची ममता
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील का गाउन पहनकर चुनाव के बाद की हिंसा और पार्टी कार्यालयों पर हमलों के मामले में दलील दी। यह मामला तृणमूल कांग्रेस द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भाजपा की बंगाल इकाई ने बड़े पैमाने पर हिंसा की है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को वकील का गाउन पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची। बनर्जी चुनाव के बाद कथित हिंसा और पार्टी दफ्तरों पर हमलों के मामले में दलील देने पहुंची थी। अदालत से बाहर निकलते समय कुछ लोगों ने ममता के खिलाफ नारे भी लगाए। बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य और कल्याण बनर्जी भी थे। यह मामला तृणमूल कांग्रेस की ओर से वकील शीर्षन्या बंद्योपाध्याय द्वारा दायर एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद पार्टी कार्यालयों पर हमलों और उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाया गया है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, चुनाव के बाद कई तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, जबकि उनमें से कई पर टीएमसी से उनके जुड़ाव के कारण हमला किया गया।याचिका 12 मई को कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर की गई थी। मामला मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आया। टीएमसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि हमारी माननीय अध्यक्ष ममता बनर्जी आज खुद कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं, ताकि भाजपा की बंगाल इकाई द्वारा पूरे राज्य में चुनाव के बाद की गई बड़े पैमाने पर हिंसा से जुड़े मामले में बहस कर सकें।
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