मालदा के असली गुनहगार फरार, अब बेकसूरों को कर रहे परेशान : ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मालदा घेराव मामले के असली गुनहगार भाग गए हैं। एनआईए पर आरोप लगाया कि वह बेकसूर जनता को परेशान कर रही है। उन्होंने भाजपा पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया और मतदाताओं से न्यायिक अधिकारियों के पास नहीं जाने की अपील की।

मालदा, एजेंसी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि मालदा घेराव मामले के असली गुनहगार भाग निकले हैं। आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब घटना की जांच के नाम पर बेकसूर जनता को परेशान कर रही है। बनर्जी मानिकचक में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने किसी दल का नाम लिए बिना कहा कि मालदा में दो सांप्रदायिक पार्टियों के लोगों ने न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया। उनका इशारा एआईएमआईएम और आईएसएफ की ओर था। ममता ने कहा कि घटना के बाद इसे अंजाम देने वाले फरार हो चुके हैं, लेकिन मामले की जांच के लिए पहुंची एनआईए की टीम अब स्थानीय बेगुनाह युवाओं को परेशान कर रही है।
आरोप लगाया कि जांच के नाम पर एनआईए ने 50 से अधिक स्थानीय लोगों को उठा लिया है।ममता ने जनता से अपील की कि वे मतदाता सूचियों के मामलों को लेकर किसी तरह के उकसावे में नहीं आएं। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा हिंसा को भड़काना चाहती है। आरोप लगाया कि उसका लक्ष्य कथित तौर पर अशांति फैलाकर केंद्रीय एजेंसियों को राज्य में लाकर स्थानीय जनता को उठाने का है, जैसा मालदा में किया गया है।न्यायाधिकरण में अर्जी देने की अपीलममता ने उन मतदाताओं से न्यायिक अधिकारियों के पास नहीं जाने की अपील की, जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं। कहा कि इसके बजाय उन लोगों को अपने नाम शामिल करवाने के लिए न्यायाधिकरणों में अर्जी देनी चाहिए। कहा कि जिन लोगों के नाम गलती से हटे हैं, उनके नाम दोबारा शामिल करवाने में वह पूरी मदद करेंगी।एआईएमआईएम नेता की गिरफ्तारी राजनीति प्रेरित : कबीरकोलकाता। आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने शनिवार को अपने सहयोगी दल एआईएमआईएम के नेता मोफक्करुल इस्लाम की गिरफ्तारी को गलत और राजनीति से प्रेरित करार दिया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में कबीर ने दावा किया कि राज्य सीआईडी ने इस्लाम को मुख्य साजिशकर्ता बताया है, जबकि असल में उन्होंने इलाके में शांति बहाल करने में मदद की थी। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। कहा कि जिस सभा में इस्लाम की मौजूदगी की बात कहकर उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसी सभा में तृणमूल कांग्रेस की प्रत्याशी सबीना यास्मीन और कांग्रेस नेता अब्दुल हन्नान भी मौजूद थे। उन्होंने भी मतदाता सूची से नाम हटाने के विरोध में प्रदर्शन को समर्थन दिया था, लेकिन इन दोनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कबीर ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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