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नई दिल्लीमहाराष्ट्र पैकेज::: अठावले राष्ट्रपति से मिले, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मांग

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Thu, 25 Mar 2021 09:10 PM
महाराष्ट्र पैकेज::: अठावले राष्ट्रपति से मिले, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मांग

- राज्य में गंभीर स्थिति को लेकर अठावले ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा

- केंद्रीय मंत्री ने कहा-राष्ट्रपति ने विचार करने का आश्वासन दिया

मुंबई। एजेंसी

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। उन्होंने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप एवं सचिन वाजे प्रकरण के मद्देनजर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। अठावले की राष्ट्रपति से यह मुलाकात नई दिल्ली में हुई।

मुलाकात के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति कोविंद को ज्ञापन दिया है और उनसे महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का अनुरोध किया है। उन्होंने मेरी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने उद्योगपति (मुकेश अंबानी) के आवास के पास विस्फोटक रखा, जबकि गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को महीने में 100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया। राज्य में यह गंभीर स्थिति है। अठावले ने कहा कि देशमुख के खिलाफ जांच होनी चाहिए, क्योंकि वह इस समय संदेह के दायरे में हैं।

मुख्यमंत्री जांच का आदेश देते तो स्वागत : देशमुख

मुंबई। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने गुरुवार को कहा कि अगर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा उनके खिलाफ लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों पर किसी भी जांच का आदेश देते हैं तो वह इसका स्वागत करेंगे। देशमुख ने आधी रात को ट्वीट कर यह बात कही। साथ ही उन्होंने ठाकरे को 21 मार्च को लिखे पत्र की प्रति भी साझा की, जिसमें उन्होंने परम बीर के आरोपों की तुरंत जांच कराने की मांग की थी। देशमुख ने ट्वीट किया कि मैंने मुख्यमंत्री से मेरे खिलाफ आरोपों की जांच कराने का आदेश देने की मांग की है, ताकि स्थिति साफ हो। अगर मुख्यमंत्री जांच का आदेश देते हैं तो मैं इसका स्वागत करूंगा। सत्यमेव जयते। देशमुख ने अपने पत्र में कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

परम बीर सिंह के पत्र में लगाए आरोपों का मुद्दा खत्म : राउत

मुंबई। शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से उपजे विवाद का मुद्दा राज्य की महा विकास आघाडी सरकार के लिए समाप्त हो चुका है। राउत ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि (सिंह द्वारा लिखे गए) उस पत्र का मुद्दा एमवीए सरकार के लिए अब खत्म हो चुका है। गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी इस मामले में किसी भी जांच का स्वागत किया है। राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख का मत है कि सिंह के पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए। एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश जांच की निगरानी करेंगे इसलिए देशमुख को पद से हटाने की कोई जरूरत नहीं है। शिवसेना सांसद ने कहा कि इससे पता चल जाएगा कि कौन राज्य की छवि बिगाड़ना चाहता है।

सुप्रिया सुले ने सोनिया गांधी से की मुलाकात

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के गृह मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद राज्य में जारी राजनीतिक उठापठक के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता सुप्रिया सुले ने कांग्रेस की अंतिरम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।

भाजपा इस राजनीतिक संकट के कारण महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही है। सुले ने ट्वीट किया कि बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए माननीय सोनिया गांधी जी आपका शुक्रिया। आपके साथ बात करके हमेशा अच्छा लगता है। इस समय इस मुलाकात के कई मायने हैं, क्योंकि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परम बीर सिंह के राज्य के गृह मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद महाविकास आघाडी सरकार काफी परेशानियों में घिर गई है। शिवसेना, रांकापा और कांग्रेस महाविकास आघाडी सरकार का हिस्सा हैं।

राज्यपाल लौटते ही मुलाकात करेंगे अजीत पवार

मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने गुरुवार को कहा कि वह राज्य सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर उन्हें राज्य में हालिया तबादलों की सूचना देंगे। पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को राज्यपाल से मिलने का समय मांगा, लेकिन राज्यपाल स्टेशन से बाहर हैं। जब भी वह उपलब्ध होंगे हम उनसे मिलेंगे। इस दौरान पवार ने राज्य में सरकार को गिराने की कोशिश के लिए विपक्ष को भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पहले दिन से विपक्ष चाहता था कि हमारी सरकार गिर जाए, लेकिन हम पूर्ण बहुमत में हैं।

संप्रग का नेतृत्व पवार को करना चाहिए : राउत

मुंबई। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि शरद पवार जैसे एक गैर कांग्रेसी नेता को गठबंधन का प्रमुख बनाया जाना चाहिए। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन अब ‘लकवाग्रस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि संप्रग अब लकवाग्रस्त हो गया है। मुझे लगता है कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार को राष्ट्रीय स्तर पर संप्रग का नेतृत्व करना चाहिए। राउत ने इससे पहले भी कई बार ऐसा सुझाव दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या अन्य पार्टियां इस मांग का समर्थन करती हैं, उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि देश में किसी क्षेत्रीय पार्टी को पवार द्वारा संप्रग का नेतृत्व करने पर ऐतराज हो सकता है। इस समय हम सभी भाजपा विरोधी हैं। राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि शिवसेना संप्रग का हिस्सा भी नहीं है। यदि वह संप्रग का हिस्सा होती तो समझ में आता। उन्हें (राउत) इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। कांग्रेस के एक अन्य नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य हुसैन दलवई ने कहा कि शिवसेना को (पिछले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में) अधिक सीटें मिली थीं, इसलिए मुख्यमंत्री का पद मिला। लेकिन शिवसेना अब भी संप्रग का हिस्सा नहीं है। दलवई ने कहा कि राउत को यह नहीं भूलना चाहिए कि महा विकास आघाडी सरकार कांग्रेस के समर्थन से बनी है। उन्हें इस तरह की बात करके विवाद पैदा नहीं करना चाहिए।

अयोग्य महा विकास आघाड़ी सरकार के गद्दी छोड़ने का समय आ गया है : पाटिल

ठाणे। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश की उद्धव ठाकरे सरकार हर मोर्चे पर विफल है और लोगों को आगे आकर उनसे गद्दी छोड़ने की मांग करनी चाहिए। ठाणे में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा कि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार जबरन वसूली करने में व्यस्त थी, जबकि राज्य के लोग कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान सरकारी कार्रवाई के कारण हजारों लोगों की बिजली आपूर्ति काट दी गई। भाजपा नेता ने कहा कि लोगों को महाराष्ट्र को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।

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