
भूमि सौदे में गलत दस्तावेजों का पंजीकरण ही नहीं होना चाहिए : अजित पवार
-डिप्टी सीएम के बेटे की कंपनी को 21 करोड़ की स्टांप ड्यूटी-जुर्माने का नोटिस
नागपुर, एजेंसी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि कानून के खिलाफ होने वाले भूमि सौदों के दस्तावेजों का पंजीकरण राजस्व अधिकारियों को नहीं करना चाहिए था। ऐसे मामलों में अधिकारियों को साफ तौर पर संबंधित पक्षों को मना करना था। यह बयान उनके बेटे पार्थ पवार से जुड़ी पुणे की एक विवादित जमीन डील के बाद आया है। इस सौदे में पार्थ पवार की कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी और जुर्माने को लेकर नोटिस जारी किया गया है। अजित पवार ने कहा कि दस्तावेज पंजीकरण की जिम्मेदारी अधिकारियों की होती है। यदि कोई समझौता कानून के दायरे में नहीं आता, तो उसे उसी समय रोक देना चाहिए।

वहीं, इस मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे) नेता संजय राउत ने अजित पवार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि इतने प्रभावशाली उपमुख्यमंत्री के खिलाफ कोई अधिकारी सवाल उठाने की हिम्मत कैसे करेगा। उधर, बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी पुलिस जांच पर सवाल खड़े किए हैं। अदालत ने संकेत दिए कि एफआईआर में पार्थ पवार का नाम न होना संदेह पैदा करता है। गौरतलब है कि पुणे के मुंढवा इलाके में 40 एकड़ सरकारी जमीन 300 करोड़ रुपये में अमेडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी को बेची गई थी। इस कंपनी में पार्थ पवार की 99 फीसदी हिस्सेदारी है। बाद में सामने आया कि यह जमीन सरकारी थी और बेची नहीं जा सकती थी। स्टांप ड्यूटी में छूट का आरोप भी लगा।

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